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Reposts
  • ishanvisingh 1w

    @sudhashri
    ओए मोटी तुझे गुस्सा भी आता है,
    चल अब मुस्कुरा दे देखू तुझे मुझ पर कितना प्यार आता है।
    ������������������������������
    सुन, दिमाग मत खराब किया कर.
    तेरा यही अंदाज मुझे काफ़ी भाता है।
    ��������������������
    आख़िर क्या रिश्ता है ये,
    जेहन में तेरा ही खयाल आता है।
    ������������������
    चंद लम्हे ही साथ बीते हैं ,
    पर ये वक्त एहसासों का दरिया लगता है,
    ����������������������
    कुछ पल में ही तुमने,
    हसीन लम्हों का सैलाब दिया है।
    ये खूबसूरत पल बेशुमार दिया है।
    ��������������������
    तुम साथ हो तो सब कुछ मुमकिन सा लगता है,
    कुछ करने की चाह दिल में उड़ान भरता है।
    ��������������������������
    सुन, मंजिल तक चलने वाली दोस्त हूं तेरी,
    तेरे संग बीते पल में गुजर जाए उम्र मेरी।।
    ����������������������
    Happy friendship day ����

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    ये दोस्ती इस कदर खास है,
    की तुम लब्ज़ो में न कहो।
    फिर भी, मुझे तेरी खामोसी का एहसास है।।
    ©ishanvisingh

  • ishanvisingh 2w

    अभी तो सफर शुरू की है जनाब,
    अभी तो जज्बात बदले है,
    अब वक्त और हलात बदलना है।
    ©ishanvisingh

  • ishanvisingh 2w

    सुना था, आप जितना कम बोलेंगे,
    लोग आपको उतना जायदा सुनना पसंद करेंगे।
    मैंने अपनी अल्फाज को थोड़ा धीमा क्या कर दिया,
    मुझे सुनने वालों ने ,मुस्कुरा कर अपना रुख मोड़ लिया।
    ©ishanvisingh

  • ishanvisingh 3w

    मैं खुद को जो खो चुकी थी,
    इस फरेबी दुनिया की भीड़ से बेखबर हो चुकी थी।
    जब देखा था तुझको पहली बार,
    न जाने मुझको क्या हुआ था यार,
    खास हो तुम मेरे लिए, ये एहसास हुआ था यार।
    इसलिए, ये कदम तेरे पीछे चल पड़ा था।
    ये दिल फिर वही पुरानी गलती कर रहा था,
    अजीब कशमकश थी, खुद के जज़्बातों से,
    पर ये छूट चुकी थी मेरे हाथों से,
    हर पल तेरे यादों में खोए रहते थे,
    न जाने हम जिंदगी की कौन से मोड़ पर खड़े थे।
    समंदर तू और हम किनारा हो चले थे।
    तन्हाई के इस भीड़ में गुम हो चुके थे हम,
    पर तेरे आने के बाद खुद से अश्क कर बैठे थे हम।
    मेरे होठों पे मुस्कान सजने लगे थे,
    अब तो हम खुद से घंटो बातें करने लगे थे,
    बिना तेरी आहट के, मुझे तेरी मौजूदगी का एहसास होने लगा था।
    ये सवाल खुद से था, न जाने मुझे क्या होने लगा था।
    थोड़े डरे, सहमे से रहते थे हम।
    कई बार हिम्मत करी, बोल दे अपने जज्बातों को,
    फिर एक आखिरी वक्त आया, हमेशा सहमे सहमे सी रहने वाली लड़की में गजब का हौंसला आया ।
    कह दी, वो कहानी जो महीनों से था अपने लब्जो में दबाया।
    जितना जाना था , उससे कही बेहतर पाया,
    चाहत तो थी , खुशियों की बरसात लाने की,
    पर वक्त को तो थी, अपनी औकात दिखाने की,
    सुनो अब कुछ कहना है तुमसे,
    तुम्हारी ये खामोशी मुझे तेरी और खींच रही है,
    यूं पल पल अपनी जज्बातों को बयां करने वालें,
    तेरी लब्ज़ खामोश सी क्यूं है?
    वाकिफ है तेरे दर्द से,
    तेरे इस खामोश लब्ज़ से,
    जानती हूं ये जख्म गहरा है,
    पर वक्त और हालात का पहरा है।
    अब तो चाहत है हम दोनो को सपने पूरा करने की,
    सपनों को हकीकत में जीने की,
    यादों को दिल में बसाना अच्छी बात है,
    पर यादों के पहरे में मसरूफ होना,
    ये तो जज़्बाती है न यार,
    सुनो , तेरी तकलीफों से वाकिफ है हम,
    यादों का पेहरा तुझ पर होता है,
    पर कैसे कहें, उस दर्द का एहसास मुझे भी होता है।
    सुनो, एक गहरा नाता है तुझसे,
    इसलिए कभी रूठ कर जाना न मुझसे।
    एक बात मानोगे मेरी,
    आ बैठ मेरे सामने, तेरी इन आंखों को पढ़ लूं मैं,
    तेरी हर कसक को खुद में भर लूं मैं।।
    Happy friendship day ��

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    तुम्हारी ये खामोशी मुझे तेरी और खींच रही है,
    यूं पल पल अपनी जज्बातों को बयां करने वालें,
    तेरी लब्ज़ खामोश सी क्यूं है?
    ©ishanvisingh

  • ishanvisingh 8w

    तेरे संग बीते वो पल खास लिखूं,
    या पल में बीते सदियों का एहसास लिखूं।
    तेरी पहली मुस्कान पर, ये दिल हार बैठी।
    फिर , खुद को मैंने बड़ा समझाया।
    पर जज्बातें, कहा अपने हाथ में थी।
    आपकी हर एक अदा पर मैं फिदा थी।
    आंखों में गजब की चमक थी,
    जिसमें दिखती कुछ पाने की तलब थी।
    इस खामोशियों की मकान में,
    वो मेरे चेहरे का नूर बन कर आया।
    जितना मैंने समझा था,
    उससे कई बेहतर पाया।
    मंजिल का राही मिल गया है मुझे,
    मिल कर करेंगे अधूरे ख़्वाब को पूरे।
    बात जब दिल की आती है,
    कुछ तो खासियत है मुझ में ।
    क्योंकि, यार तुम्हे नींद बहुत आती है।।

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    तेरे संग बीते वो पल खास लिखूं,
    या पल में बीते सदियों का एहसास लिखूं।
    ©ishanvisingh

  • ishanvisingh 15w

    मां

    जिस एक शब्द में बसता इस सृष्टि का आधार है।
    वो ममता की सरोवर मेरी मां है।।
    Happy mother's day mom❤️❤️
    ©Alka Raj Singh

  • ishanvisingh 21w

    लोग कहते है दुनिया बदल गई है,
    हकीकत में हमने लोगो को बदलते देखा है।

    रात वही है चांद वही है,
    हमने तो लोगों को नजरिया बदलते देखा है।

    गरीब को अपनी झोपड़ी के लिए
    तिनका तिनका पिरोते देखा है।

    ये तो मुखोंटो का जमाना है गालिब,
    लोगो को परत पर परत चढ़ाए देखा है।

    यूं तो कहने को सब अपने है,
    पर हकीकत में सब सपने है।

    बचपन में हमारी नादानियों पर,
    उसे खिलखिलाते देखा है।

    चोट हमारी थी,पर आसुओं का सैलाब,
    उसकी आखों में देखा है।
    उसी मां को हमनें आज दर्द से करहाते देखा है।

    किसी को तन्हाइयों से लड़ते देखा है।
    तो, किसी को मुस्कुरा कर अपने गम को छुपाते देखा है।

    कोई सामने से हाथ बढ़ाए,तो मिला लो।
    क्योंकि यहां अपनो को नजरे चुराते देखा है।

    परेशानियों में लोगों को लड़खड़ाते देखा है।
    हां,लेकिन जिनके इरादे मजबूत है,
    सफलता को उनके कदमों में आते देखा है।।
    ©ishanvisingh

  • ishanvisingh 23w

    दोस्ती करोगे, सिद्दत्त से निभायेंगे।
    गद्दारी करोगे, तूफ़ान की तरह आएंगे,
    कश्ती की तरह डूबो कर ले जाएंगे।।
    ©ishanvisingh

  • ishanvisingh 23w

    Happy women's day to my world ,my mom ����❤️❤️����
    #miraquill #womensday #women #empowerment #life #love #mother

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    प्रेरणा की मिसाल है वो,
    कड़कती धूप की छांव है वो,
    मेरे चेहरे की मुस्कान है वो,
    हां, मेरी मां है वो।।
    Happy women's day❤️❤️
    ©ishanvisingh

  • ishanvisingh 32w

    हौसले बुलंद है मेरे,
    जितनी बार टूटेंगे।
    नई उम्मीद के साथ उठेंगे।।
    ©ishanvisingh