its_ghazalarais

~Lost in a world that doesn't exist.����

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  • its_ghazalarais 1w

    बरसों बाद मुझ पर जो परेशानी आई ,
    सदियों से खुश्क आंख भी भीग आई ,
    सदियों से राज़ी कर रही थी जिसे ,
    मेरी परेशानी में वो दुनिया ज़रा भी काम न आई ।

    जब कोई रास्ता नज़र ना आया ,
    उठाई जा-नमाज़ और सर को सजदे में झुकाया ,
    सजदे में झुका जो सर तो शर्म भी हो गई मुझसे शर्मिंदा ,
    कहती है गिला तूझे दुनिया से की मतलबी हैं सब ,
    तूने भी तो रब को तभी याद किया जब तुझे अपना मतलब याद आया ।

    जब दुनिया से धोखा मिला तो रब ही याद आया ,
    रब ने हज़ार मौके दिए बख्शीश के ,
    पर दुनिया के पीछे हर मौक़ा गवाया ,
    अपनी दुनिया लुटा दी इस दुनिया पर ,
    और उस दुनिया के लिए कुछ भी न कमाया ।

    दुनिया पाने में आखिरत गवां दी ,
    पर अब समझ आया मैंने तो अपनी पहचान ही मिटा दी ,
    एक खता छुपाने को फिर एक खता की ,
    किस क़दर खुशी से दुनिया की चाहत में आखिरत की चाहत दिल से हटा दी ।

    रब का एहसान है जो मेरा हर गुनाह है छुपाया ,
    होता अगर दुनिया के हाथ में तो लोग कर देते सब कुछ नुमायां ,
    मेरे आमाल तो इस काबिल नही की मुझे कुछ भी मिले ,
    ये तो अल्लाह का एहसान है जो मैंने इतना कुछ है पाया ।

    एक खता की थी सौ बार माफी मांगने पर भी माफ न किया दुनिया ने ,
    सारी जिंदगी गुजारी गुनाहों में सच्चे दिल से माफी जो मांगी माफ कर दिया अल्लाह ने ,
    तब समझ आया असल में मोहब्बत का मतलब ,
    सौ बार खता की और एक आंसू जो मेरी आंख से बाद में गिरा और माफी पहले मिल गई ,
    ये है असल मोहब्बत जो अल्लाह ने की मुझसे ,
    बंदों ने तो बस जज्बातों से खेला ।

    मेरी खुदी पूछ रही है मुझसे ,
    बता इस दुनिया में कौन तेरे काम आया ,
    जब सबने छोड़ा हाथ तेरा ,
    तो रब ने ही बिखरने से बचाया ।

    हूं बहुत मैं शर्मिंदा ,
    अपने आप पर ,
    कहती खुद को मुसलमान हूं ,
    पर मेरा खुद को मुसलमान कहना भी है शर्मिंदा मेरे आमाल पर ।

    करती हूं गुनाह किस क़दर डट कर ,
    छोड़ती हूं नमाजे मजे से हस हस कर ,
    अब तो गुनाह भी कहते हैं मत कर ,
    मेरा अपना वजूद कह रहा है बस कर ।



    ©its_ghazalarais

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    برسوں بعد مجھ پر جو پریشانی آئی،
    صدیوں سے خشک آنکھ بھی بھیگ آئی،
    صدیوں سے راضی کر رہی تھی جسے،
    میری پریشانی میں وہ دنیا ذرا بھی کام نہ آئی۔

    جب کوئی راستہ نظر نہ آیا،
    اٹھائی جا نماز اور سر کو سجدے میں جھکایا،
    سجدے میں جھکا جو سر تو شرم بھی ہو گئی مجھ سے شرمندہ،
    کہتی ہے گِلہ تجھے دنیا سے کہ مطلبی ہیں سب،
    تونے بھی تو رب کو تبھی یاد کیا جب تجھے اپنا مطلب یاد آیا۔

    جب دنیا سے دھوکہ ملا تو رب ہی یاد آیا،
    رب نے ہزار موقعے دیے بخشش کے،
    پر دنیا کے پیچھے ہر موقع گوایا،
    اپنی دنیا لٹا دی اس دنیا پر،
    اور اس دنیا کے لیے کچھ بھی نہ کمایا۔

    دنیا پانے میں آخرت گوا دی،
    پر اب سمجھ آیا میں نے تو اپنی پہچان ہی مٹا دی،
    ایک خطا چھپانے کو پھر ایک خطا کی،
    کس قدر خوشی سے دنیا کی چاہت میں آخرت کی چاہت دل سے ہٹا دی۔

    رب کا احسان ہے جو میرا ہر گناہ ہے چھپایا،
    ہوتا اگر دنیا کے ہاتھ میں تو لوگ کر دیتے سب کچھ نمایاں،
    میرے اعمال تو اس قابل نہیں کہ مجھے کچھ بھی ملے،
    یہ تو اللّٰہ کا احسان ہے جو میں نے اتنا کچھ ہے پایا۔

    ایک خطا کی سو بار معافی مانگنے پر بھی معاف نہ کیا دنیا نے،
    ساری زندگی گزاری گناہوں میں ایک بار سچے دل سے معافی مانگنے پر معاف کر دیا اللّٰہ نے،
    تب سمجھ آیا اصل میں محبت کا مطلب،
    سو بار خطا کی اور ایک آنسو جو میری آنکھ سے بعد میں گرا اور معافی پہلے مل گئی،
    یہ ہے اصل محبت جو اللہ نے کی مجھ سے،
    بندوں نے تو بس جذباتوں سے کھیلا۔

    میری خودی پوچھ رہی ہے مجھ سے،
    بتا اس دنیا میں کون تیرے کام آیا،
    جب سب نے چھوڑا ہاتھ تیرا،
    تو رب نے ہی بکھرنے سے بچایا۔

    ہوں بہت میں شرمندہ،
    اپنے آپ پر،
    کہتی خود کو مسلمان ہوں،
    پر میرا خود کو مسلمان کہنا بھی شرمندہ ہے میرے اعمال پر۔

    کرتی ہوں گناہ کس قدر ڈٹ کر،
    چھوڑتی ہوں نمازیں مزے سے ہس ہس کر،
    اب تو گناہ بھی کہتے ہیں مت کر،
    میرا اپنا وجود کہہ رہا ہے بس کر۔

    © غذالہ رئیس

  • its_ghazalarais 3w

    Mil ke hoti thi kabhi Eid bhi Diwali bhi....
    Ab ye haal hai ke dar dar ke gale milte hain....

    #eid
    #islam
    #deen

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    ❤️

    EID MUBARAK

  • its_ghazalarais 3w

    Har shakhs to hota nahi har baat ke qabil,
    Har shakhs ko har baat bataya nahi karte,

    Ye takhte khuda hai ise tum paak hi rakhna,
    Har shakhs ko is dil me basaya nahi karte,

    Khamoshiy'on ko jo teri samajh na sake,
    Us shakhs pe alfaz zaya nahi karte ...

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  • its_ghazalarais 3w

    Ek din sab ke sab masle hal ho jaenge...
    Jab hum guzra hua kal ho jaenge...
    ©aapse_matlab_

  • its_ghazalarais 3w

    मेरे रूठने की वजह भी कभी पूछ लेते,
    खुद रूठने से पहले एक बार मनाने की कोशिश तो करते,

    कहते हो दिल दुखाया है,
    एक बार इस दुखे दिल का हाल तो पूछ लेते,

    हां दिल दुखाया मैंने तुम्हारा,
    पर क्यों कभी ये भी पूछ लेते,

    क्या सब खता मेरी है,
    एक बार अपने दिल से ये बात भी पूछ लेते,

    मेरा दिल भी बहुत दुखा है,
    कभी मेरे अश्कों की वजह भी पूछ लेते,

    कहते हो मैं शिकायते बहुत करती हूं कि अभी तो मैने कुछ कहा भी नहीं,
    इस दिल में कितनी शिकायते बिन कुछ कहे ही दफन हो गईं कभी ये भी पूछ लेते,

    मैं बोलती बहुत हूं शिकवा ये है,
    किस बात को छुपाने के लिए ये तमाम बाते करती हू कभी ये भी पूछ लेते,

    मेरी हसी तो देखी तुमने,
    लेकिन इस हसी के पीछे छिपी परेशानियों की वजह भी कभी पूछ लेते,

    सब शिकवे हमसे,
    कभी अपनी खता भी पूछ लेते,

    शिकवा ये की हमने दिल तोड़ा,
    हम किस्से शिकवा करे कभी हमारी खामोशी की वजह भी पूछ लेते,

    हर जुर्म हमने ही तो नहीं किया,
    कभी अपनी खताओं का भी पूछ लेते,

    दिल दुखा तेरा भी दिल दुखा मेरा भी,
    चल एक दूसरे का हाल पूछ लेते हैं,

    चल सब पुरानी बातो को भूल एक नई शुरुआत कर लेते हैं,
    चल एक दूसरे को माफ कर देते हैं,

    चल एक दूसरे के ज़ख्मों का मरहम बन जाते हैं,
    चल एक दूसरे का हाल पूछ लेते हैं।



    ©its_ghazalarais

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    ❤️

  • its_ghazalarais 4w

    Tu hi afzal mahina sab mahino me hai ,
    Tere jane ka gham sab ke seeno me hai ,
    Jab Guzar Jayenge Mah Gyarah ,
    Teri Aamad Ka Phir Shor Hoga ,
    Kya Meri Zindagi Ka Bharosa ,
    Alwada Alwada Mah-e-Ramzan Alwada....

    Dear Ramadan we Meet Again Next Year , INSHA ALLAH...☺️♥️


    #Islam
    #ramadan
    #friday
    #alvida
    #alvidaramadan

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    Almighty. On this last Friday in Ramadan, guide us towards doing good deeds for Your sake only. Give us the strength to be steadfast, enduring the trials You send our way. Grant us a soft heart, always content with Your Decree. Grant us sincerity, success & protect us from harm.

  • its_ghazalarais 4w

    Does it make sense? I don't know what I wrote.�� Read it at your own risk.����
    #fake_friends

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    Ab Main apne Dost'on ki dushmani ko kya kahu
    ©aapse_matlab_

  • its_ghazalarais 5w

    Meri jaan tm itni masoom kyu ho

  • its_ghazalarais 5w

    Jinka koi Farz ni tha , vo mere liye itna kuch kar gaye....
    Aur jinka farz tha , vo to pehchan'ne se hi mukar Gaye......
    ©bitiya_rani

  • its_ghazalarais 5w

    Main na jugnu hoon, na diya hoon, na koi taara hoon...
    Roshni wale mere naam se jalte kyun hain??