jazz_baaatt

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shabdon ki bichhai zami pe ik uga hua ped

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  • jazz_baaatt 16w

    Ghazal nahi hai

    ख़्वाब जिंदा मर गए सूरतें नहीं बदलती
    नज़ारत खास है इसीलिए नहीं सुधरती

    काफ़िरपन छोड़ के ज़िन्दा रहे कुछ दिन
    ज़िंदगी की ज़िद यूँ ज़िन्दा नहीं लगती

    जहाँ देखा है तुमको नज़र भर कभी
    उस जगह अब भी नज़रें नहीं संभलती

    मुश्किलें और भी बढ़ा लेंगे हम अगर
    बोझ से गाडियां कुदरती नहीं चलती

    शाइरी रहे तो रहे उछलती मुझमें 
    नदियाँ जस की तस हैं नहीं उफनती

    ©jazz_baaatt

  • jazz_baaatt 19w

    तुम्हें मैं ठहरा हुआ दरिया मानूँ
    या चंचल कोई नदी यारा
    कभी भीगा हुआ सावन तुम
    पतझड़ का मौसम भी मन तुम्हारा

    चंचलता से घायल करती
    ठहराव से मुग्ध कर लेती हो
    सौंधी सी मुस्कान बिखेर तुम
    हृदय फिर मेरा हर लेती हो

    तत्क्षण में ही मोह लिया मुझे
    सरसरी सी नज़र से जब देखा
    दृढ़ संकल्प लिया उसी क्षण
    तुम ही बनोगी जीवन रेखा

    ©jazz_baaatt

  • jazz_baaatt 20w

    देखी कहाँ जाती हैं राह की मुश्किलें
    जब हो हसरत-ए-दीदार यार की

    ©jazz_baaatt

  • jazz_baaatt 20w

    उस हर परिस्थिति और हर उस इंसान जिससे जीवन में कुछ सीखने मिला
    और उस हर सीख को जिसने जीवन पथ को सुगम बनाने में सहायता की

    हृदय के धरातल से सहस्त्राधिक नमन

    ©jazz_baaatt

  • jazz_baaatt 20w

    उस से मिलने की तमन्ना भी बहुत है
    लेकिन आने जानें में किराया बहुत लगता है

    ©राहत इंदौरी


    देखी कहाँ जाती हैं राह की मुश्किलें
    जब हो हसरत-ए-दीदार यार की

    ©jazz_baaatt

  • jazz_baaatt 20w

    One liner

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    विस्फोट और मेरे बीच बस तुम हो!!!

    ©jazz_baaatt

  • jazz_baaatt 20w

    आप मेंं से कितने लोग हाथ बंटाते हैं?

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    मैं खूब करता हूँ स्त्री सशक्तिकरण की बातें
    मैं लेकिन घर के काम में मम्मी का हाथ नहीं बंटाता!!!

    ©jazz_baaatt

  • jazz_baaatt 20w

    मैं यह चाहता हूँ
    कि तुम मेरे बराबर ही उदास रहो
    कुछ कम रहोगी तो
    तुम्हारे इश्क को पसंद नहीं आएगा
    कुछ ज्यादा रहोगी तो मेरे!!!

    ©jazz_baaatt

  • jazz_baaatt 21w

    प्रेम अगर मिले माह के वेतन की तरह
    या कि रोज़ की दिहाड़ी के रूप में
    शायद मैं चुनूंगा रोज़ की दिहाड़ी
    क्योंकि दस दिन में रीत जाने पर
    अगले बीस दिन की अकुलाहट
    पर दिल राज़ी नहीं
    उसे चाहिए रोज़ की आपूर्ति
    रोज़ की तृप्ति!!!

    ©jazz_baaatt

  • jazz_baaatt 21w

    कभी किसी कहानी में मिलना तुम मुझे
    हकीकत को ना मैं रास आया, ना तुम!!!

    ©jazz_baaatt