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Reposts
  • jigna_a 7h

    Depression is real. Speak up

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    कुहासा जमा था जैसे,
    झाड़ती थी पर जादुई था,
    या मैं निर्बल थी?!
    वो जो मन का रंग गुलाबी,
    काला हो चला था,
    हाय! ये क्या कोहरा छाया था।

    मेरे ही कदम मेरा ही तिरस्कार करते,
    नाँव हिचकोले खाती जिसका मल्लाह खो गया,
    डूब रही थी अनदिखीँ मझधार में,
    नम सा बुरादा जलता कैसे?

    न कोई तसव्वुर न सपना कोई,
    पाया खुद को जिसे खुद से थी खोई,
    वो हाल था कोई वनवास सा,
    दैत्य सा भयावह अवसाद था।
    ©jigna_a

  • jigna_a 8h

    प्रेम करोगी तो
    अपनी अँखियों के
    कोरों को काजलों की
    लकीरों की जगह आँसुओं
    से सजाना पड़ेगा;
    प्रेम करोगी तो
    अपने होंठों की
    सुर्ख़ियों की तहों में
    अलविदाई बोसों का
    का स्वाद दबा कर
    जीना पड़ेगा;
    प्रेम करोगी तो
    इंतिज़ार के दहकते
    हुए लम्स को अपने जिस्म
    में समेट कर हर रात जागते
    हुए बिताना पड़ेगा;
    प्रेम करोगी तो
    अपनी ख्वाहिशों की
    खुशबुओं से गजरे गूँध कर
    अपने बालों में खुद लगा
    कर श्रृंगार पूरा करना पड़ेगा;
    प्रेम करोगी तो
    सोच लेना तुम्हे
    हर वो काम करना पड़ेगा
    जो तुमने सपने में भी नहीं
    सोचा था !
    ©sramverma @sramverma shukriya dost, aapke sath likhna koi therapy se km nhi, khush raho.khub khub good wishes ��������

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    हाँ जानती हूँ
    प्रतीक्षा का सुरमा
    बड़ा ही दाहक होता
    खारा पानी बहता ही रहेगा
    अधरों की कँपन में
    तेरे स्पर्श को मौन बनाना होगा
    कुछ अनकहा सा
    गर्म साँसें स्वयं को ही जला देगी
    अंग अंग में ओज होगा
    और उन अंगारों से
    खिलेंगे अनूठे पलाश के फूल
    उन्हें चुन चुनकर
    अपने बालों में सजा लूँगी
    देख तो सही!
    तेरे तिरस्कार को
    मैं अपना श्रृँगार बना लूँगी
    प्रेम को
    एक नए आयाम पे
    ला कर खडा कर दूँगी।
    ©jigna_a

  • jigna_a 9h

    पहली तीन पंक्तियां, अगले तीन चरण की आखिरी पंक्ति बने वैसे कविता बुननी होती है।

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    Cascade poem

    कितना सितम करते हो,
    नासूर बनना किस्मत इसकी,
    तुम क्यों ये ज़ख़्म कुरेदते हो।

    पास आते कभी दूर दूर,
    फिरभी दिल बन धड़कते हो,
    कितना सितम करते हो।

    मन तार तार हो जाता है,
    घाव सी छवि बनती उसकी,
    नासूर बनना किस्मत इसकी।

    देखो कितना रुलाते हो,
    अश्क़ो से इसे फिर नम कर जाते हो,
    तुम क्यों ये ज़ख़्म कुरेदते हो।

    ©jigna_a

  • jigna_a 10h

    I've painted it in trance,
    Rather in trauma,
    When I've painted it,
    Someone was there like fauna,
    Tears were mixed in the colours of shock,
    All the blacks, greys and blues were there,
    Together like any flock,
    But after I've completed it
    I felt that some miracle happened,
    It made me lighter how words make poet,
    This shady painting is very sacred.
    ©jigna_a

  • jigna_a 10h

    तेरे हर लफ़्ज़ के पीछे मैं लफ़्ज़ नहीं मेरे एहसास जोडती हूँ।
    किस्से, कहानियाँ पता नहीं क्या क्या,
    मेरा ही है वो जो मेरा हुआ ना।
    Jignaa

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    एक एक किस्सा रोज़ाना,
    हर्फ़ दर हर्फ़ लिखते जाना।

    तुझको महसूस करते करते,
    तुझमें तब्दील मेरा हो जाना।

    मुसीबत है तेरा सच जानूँ,
    मेरा और इश्क़ में गिर जाना।

    मधुमक्खी के जाले सा तू,
    उलझाकर ही सुलझा जाना।

    तेरा दिल पुर्ज़ा पुर्ज़ा उड़ता,
    बंद कर मुझको कोसें जाना।

    कोशिश की बहुत ही मैंने,
    आसाँ कहाँ तुमसे दूर जाना।

    ये जो यूँ ही लिखती "जिगना"
    पक्का तेरे दिल में बस जाना।

    ©jigna_a

  • jigna_a 20h

    थप्पें रूह पे लगते हैं,
    जिस्म पे तो बस खरोंचे पड़ती है,
    जो देरसवेर मिटनी ही है,
    रूह फिर भटकनी है।
    Jignaa

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    जानता है मैं जिस्म की हद से परे थी,
    तभी तो अपनी रूह को भुलावे में रखता है,
    ड़रता भी तो है ये मन में क्या हलचल है,
    झूठा हँसकर आँसुओं को काबू में करता है।
    ©jigna_a

  • jigna_a 22h

    बुरे तो आप किसी हाल में नहीं,
    बुरे भी कभी कभी तो होते सही।
    ©jigna_a

  • jigna_a 1d

    जीना पड़ता है।

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    "जिगना" कोरी पाटी करके जीना सीख ले,
    अपनों के लिए अब ज़हर पीना सीख ले।
    ©jigna_a

  • jigna_a 1d

    पूरी ताकत लगा के सही साबित हो जाना,
    हारेगा तब जब गलत आईने के सामने होगा।
    Jignaa

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    अब तेरे सवालों से कारोबार नहीं करना,
    कि तेरे जवाबों से अब सरोकार नहीं मेरा।
    ©jigna_a

  • jigna_a 1d

    बुरे तो आप किसी हाल में नहीं,
    बुरे भी कभी कभी तो होते सही।
    Jignaa

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    इरादा भाँप भी गए क्या करना था कोसना ही तो था,
    अपने किरदार को किसी भी हालात में सही जो साबित करना था।
    ©jigna_a