kumar_adi

www.yourquote.in/aditya-kumar-0zyw/quotes

Engineering Student(CSE) at AKGEC, Ghaziabad, a poet, a badminton player

Grid View
List View
Reposts
  • kumar_adi 54w

    #collegedays #khatm #lamha #dost #baat #kissa #masti #mirakee #collegeend

    Hope that you all will like this. All those who completed their college life can relate to it easily.

    उठा जो ये बवंडर है
    कशमकश कैसा ये मेरे अंदर है
    पता था खत्म सब यही पर होना है
    फिर भी तूफ़ां क्यूँ मेरे अंदर है
    हर लम्हा बहता सा लगता है
    इन पलों को खोने का कुछ डर सा लगता है.....

    अब और आगे कहना क्या है
    सच है दोस्तों, यूँ बिछड़ने का डर लगता है
    पता है अब मिलना न होगा शायद दोबारा
    मिलूँ भीड़ में कहीं तुमको कभी मैं
    गले लगाओ न लगाओ पर बात कर लेना दोबारा
    अधूरी ही सही चलो इस किस्से को यहीं छोड़ता हूँ मैं.....

    Read More

    उठा जो ये बवंडर है
    कशमकश कैसा ये मेरे अंदर है
    पता था खत्म सब यही पर होना है
    फिर भी तूफ़ां क्यूँ मेरे अंदर है
    हर लम्हा बहता सा लगता है
    इन पलों को खोने का कुछ डर सा लगता है.....

    अब और आगे कहना क्या है
    सच है दोस्तों, यूँ बिछड़ने का डर लगता है
    पता है अब मिलना न होगा शायद दोबारा
    मिलूँ भीड़ में कहीं तुमको कभी मैं
    गले लगाओ न लगाओ पर बात कर लेना दोबारा
    अधूरा ही सही चलो इस किस्से को यहीं छोड़ता हूँ मैं.....

    ©kumar_adi

  • kumar_adi 63w

    #chai #saath #din #mirakee

    कब पकड़ी यह पता नहीं, क्यूँ पकड़ी यह पता नहीं
    यह चाय है बिना इसके, दिन भी जंचता नहीं
    काली डेकचि इसकी कोई पकड़ता नहीं
    यह चाय है बिना इसके, दिन भी जंचता नहीं

    पहले गुड़ की बनती थी, अब चीनी की बनने लगी
    पहले छक के पीते थे, अब नाप के मिलने लगी
    साथ बैठने का आनंद अब शायद कोई जानता नहीं
    यह चाय है बिना इसके, दिन भी जंचता नहीं

    Please read, love it and comment

    Read More

    कब पकड़ी यह पता नहीं, क्यूँ पकड़ी यह पता नहीं
    यह चाय है बिना इसके, दिन भी जंचता नहीं
    काली डेकचि इसकी कोई पकड़ता नहीं
    यह चाय है बिना इसके, दिन भी जंचता नहीं

    पहले गुड़ की बनती थी, अब चीनी की बनने लगी
    पहले छक के पीते थे, अब नाप के मिलने लगी
    साथ बैठने का आनंद अब शायद कोई जानता नहीं
    यह चाय है बिना इसके, दिन भी जंचता नहीं

    ©kumar_adi

  • kumar_adi 63w

    #mirakee #writerscommunity #khoobi #zameen #dil

    न आसमां लिखुंगा, न ज़मीं लिखुंगा...
    न बातें लिखुंगा, न नमी लिखुंगा
    बस ये दिल ज़िद्द पर अड़ा है, ज़िक्र से डरता है...
    जब यह इज़ाज़त देगा, तो आप की खूबी लिखुंगा

    Read More

    तेरी खूबी

    न आसमां लिखुंगा, न ज़मीं लिखुंगा...
    न बातें लिखुंगा, न नमी लिखुंगा
    बस ये दिल ज़िद्द पर अड़ा है, ज़िक्र से डरता है...
    जब यह इज़ाज़त देगा, तो आप की खूबी लिखुंगा

    ©kumar_adi

  • kumar_adi 65w

    Hello dear Writer Community. I tried to write a new type of poem - "Narrative Poem". It is a type of poem which tells you a story. Please read, like, comment and show your love.

    #food #kind #stranger #cherished #mirakee

    One day at a food shop, I met a man selling pasties,
    For money he wanted to swap, But I really wanted some pastis.

    The man seems exceptionally cherished,
    And his manner was strangely amused.
    He wasn't what I would call perished,
    Great disdain he noticeably oozed.

    Like others, he thought I was odd,
    Some say I'm a bit kind.
    Still he gave me a courteous nod,
    As if he thought I was plenty streamlined.

    So in search of my goal I departed,
    But before the food shop could I leave,
    The man came running full-hearted,
    "I can help you I believe."

    Pasties, pastis, you shall find.
    Buns, megatons, you can get.
    You must now open your mind,
    And get down to Camden Market.

    So, to Camden Market I decided to go,
    In search of the pastis I craved.
    The winds it did eerily blow,
    But I felt that the day could be saved.

    I was greeted by a lady,
    She seemed to be rather kind.
    I couldn't think she might be quite shady,
    I wandered if she was at all streamlined.

    Before I could open my mouth,
    She shouted "I have some pastis!".
    I headed towards her to the South,
    Past some buns and pasties.

    " But how did you know?" I asked,
    "Do you want them or not?" she did say.
    Silently, the pastis she passed,
    Then vanished before I could pay.
    As I walked away I heard a crackle,
    Or was it, perhaps a hushed cackle?

    Read More

    The Kind Stranger At Camden

    One day at a food shop, I met a man selling pasties,
    For money he wanted to swap, But I really wanted some pastis.

    The man seems exceptionally cherished,
    And his manner was strangely amused.
    He wasn't what I would call perished,
    Great disdain he noticeably oozed.

    (Rest in caption)

    ©kumar_adi

  • kumar_adi 70w

    जब बहुत ज्यादा थकान होने लगे,
    तो समझ लो कि तुम्हें खुशी की तलाश है.....

    कितनी ताज्जुब की बात है न,
    खुशी कोई दवा नहीं चेहरे की चमक का राज़ है.....

    #writerscommunity #writersfan #writersofinstagram #writersofig #writersworld #writers #writer #writingsociety #writers_den_ #poemes
    #poemsdaily #quoteoftheday #writingpoetry #quoteslover #thoughtsinwords #writersandpoets #writinglove #writerslife #poetrysociety #wordsmithing #wordsofaffirmation #quotegram #quotestagrams #streetwritersofficial #wordsofadvice

    Read More

    जब बहुत ज्यादा थकान होने लगे,
    तो समझ लो कि तुम्हें खुशी की तलाश है.....

    कितनी ताज्जुब की बात है न,
    खुशी कोई दवा नहीं चेहरे की चमक का राज़ है.....

    ©kumar_adi

  • kumar_adi 70w

    कोई एक दो नहीं,
    बातें तमाम करनी है.....
    आना तुम कुछ जन्म लेकर,
    बयां जन्मों की दास्तां करनी है.....

    कुछ पल कुछ घंटे नहीं,
    तमाम उम्र तुम्हारे नाम करनी है.....
    अपना लेना भीड़ में हमें,
    क्यूँकि मोहब्बत सरेआम करनी है....

    #writerscommunity #writersfan #writersofinstagram #writersofig #writersworld #writers #writer #writingsociety #writers_den_ #poemes
    #poemsdaily #quoteoftheday #writingpoetry #quoteslover #thoughtsinwords #writersandpoets #writinglove #writerslife #poetrysociety #wordsmithing #wordsofaffirmation #quotegram #quotestagrams #streetwritersofficial #wordsofadvice

    Read More

    कोई एक दो नहीं,
    बातें तमाम करनी है.....
    आना तुम कुछ जन्म लेकर,
    बयां जन्मों की दास्तां करनी है.....

    कुछ पल कुछ घंटे नहीं,
    तमाम उम्र तुम्हारे नाम करनी है.....
    अपना लेना भीड़ में हमें,
    क्यूँकि मोहब्बत सरेआम करनी है....

    ©kumar_adi

  • kumar_adi 71w

    गमों को ना दिल में जगह दीजिए
    बस खुश रहने की वजह खोजिए
    कशमकश और उलझन तो रहेंगे सदा
    खुल के जिंदगी के मजे कीजिए
    अपनों से मिलते रहा कीजिए
    दूरियों को आप न जगह दीजिए
    अपनों के लिए दुआ कीजिए
    बहारों का खुलकर मजा लीजिए
    और कविताएं मेरी पढ़ा कीजिए
    अच्छी लगे तो बता दीजिए
    हँसी की मेहफिल जमा दीजिए
    गमों को जिंदगी से फ़ना कीजिए

    Hamesha Khushiyan bantiye aur khush rahiye.

    #mirakee #jindgi #dua #khushi #kavita #mehfil #writersofmirakee #writersworld #writerscommunity
    #writersofig #writers #writerspower

    Read More

    गमों को ना दिल में जगह दीजिए
    बस खुश रहने की वजह खोजिए
    कशमकश और उलझन तो रहेंगे सदा
    खुल के जिंदगी के मजे कीजिए
    अपनों से मिलते रहा कीजिए
    दूरियों को आप न जगह दीजिए
    अपनों के लिए दुआ कीजिए
    बहारों का खुलकर मजा लीजिए
    और कविताएं मेरी पढ़ा कीजिए
    अच्छी लगे तो बता दीजिए
    हँसी की मेहफिल जमा दीजिए
    गमों को जिंदगी से फ़ना कीजिए
    ©kumar_adi

  • kumar_adi 71w

    चलो बेताब होते हैं,
    जल के मेहताब होते हैं.....
    किसी के रंग में घुलकर,
    हम भी आफताब होते हैं.....

    होली में मिलो ऐसे,
    तुम्हारा सुर्ख रंग चढ़ जाए.....
    कई तो मिल गए पर,
    कई रंग ख्वाब होते हैं.....

    #mirakee #holi #rang #khwaab

    Holi ki shubhkamna

    Read More

    चलो बेताब होते हैं,
    जल के मेहताब होते हैं.....
    किसी के रंग में घुलकर,
    हम भी आफताब होते हैं.....

    होली में मिलो ऐसे,
    तुम्हारा सुर्ख रंग चढ़ जाए.....
    कई तो मिल गए पर,
    कई रंग ख्वाब होते हैं.....
    ©kumar_adi

  • kumar_adi 72w

    करोड़ो की भीड़ थी लेकिन
    कल को उन्हीं ने भापा था....
    नोटों पर तो छप न पाए
    पर इतिहास उन्हीं ने छापा था....

    जो तुम स्याही में पढ़ रहे हो
    उन्होनें लाल लहू से छापा था....
    अरे उनको नास्तिक समझने वालों
    हिंद ही उनका विधाता था....

    जय हिंद!!!!

    Aj Shaheed Diwas par yaad kijiye Veer Bhagat Singh, Rajguru aur Sukhdev ko jinhone apne desh ki azadi ke samne apni jaan ki parwah bhi nhi ki

    #mirakee #shaheed_diwas #bhagat_singh #rajguru #sukhdev #jai_hind

    Read More

    करोड़ो की भीड़ थी लेकिन
    कल को उन्हीं ने भापा था....
    नोटों पर तो छप न पाए
    पर इतिहास उन्हीं ने छापा था....

    जो तुम स्याही में पढ़ रहे हो
    उन्होनें लाल लहू से छापा था....
    अरे उनको नास्तिक समझने वालों
    हिंद ही उनका विधाता था....

    जय हिंद!!!!

    ©kumar_adi

  • kumar_adi 74w

    तू शून्य से भी सूक्ष्म है, आकाश से अनंत है.....
    तू मर्म पूरी सृष्टि का, अनादि तू अनंत है.....
    त्रियंबके ओ भोलेनाथ, नमन तुझे केदारनाथ.....
    सौ जगत में है मिथक, तू एक अखंड तथ्य है.....
    नमन नमन ओ गौरीनाथ, शर्व अज् केदारनाथ.....
    त्रियंबके ओ भोलेनाथ, नमन तुझे केदारनाथ.....

    #writersworld #writers #buddingwriters #writerofmq

    हर हर महादेव!! जय महाकाल!!

    Read More

    महा शिवरात्रि

    तू शून्य से भी सूक्ष्म है, आकाश से अनंत है.....
    तू मर्म पूरी सृष्टि का, अनादि तू अनंत है.....
    त्रियंबके ओ भोलेनाथ, नमन तुझे केदारनाथ.....
    सौ जगत में है मिथक, तू एक अखंड तथ्य है.....
    नमन नमन ओ गौरीनाथ, शर्व अज् केदारनाथ.....
    त्रियंबके ओ भोलेनाथ, नमन तुझे केदारनाथ.....

    ©kumar_adi