malhar_

yaha mere alawa sab milega....��

Grid View
List View
Reposts
  • malhar_ 12w

    मोहब्बत के इंतज़ार में आखों का बूढ़ा हो जाना भी जायज़ है।
    #malharism
    #miraquill

    Read More

    जाते हुए लोग कभी रास नही आये मुझे। जाते हुए लोगो को रोका भी तो नही जा सकता ना। मै समझता हूँ जाते हुए लोगो को मुड़कर नही देखना चाहिए। मुड़कर देखने से लोग दूर होते दिखाई देते हैं। और जबतक हम उन दूरियों के मायने समझते हैं तब तक वो नज़रों से ओझल हो जाते हैं। और रह जाती है तो मन में बस एक कसक।

    मै समझता हूँ जिन्हें आप रोकना चाहते हैं उन्हे जाने ही नही देना चाहिए। हाथों को इतनी कस के भींचा जाना चाहिए कि जाते हुए कदम खुद-ब-खुद ठहर जाये। ठहरे हुए लोग अपने निशां छोड़ जाते हैं। कुछेक किस्से ऐसे भी होते हैं जहाँ पर जाने वाले लोग फिर कभी लौटे ही नही। इंतज़ार में आखें इतनी बूढ़ी हो जाती है कि वापस आने वाले लोग धुंधले से नज़र आते हैं। पर मेरा मनना है कि जब जाना तय है तो आने की कोई खास वजह नही बचती। बचती है तो सिर्फ हृदय में महसूस होती सिहरन।

    ©malhar_

  • malhar_ 17w

    रियान मुझे हमेशा से पसंद थे। हाँ माँ के पसंद होने के पहले से ही। तस्वीर कुछ खास नही लगी थी। पर पहली बार जब हम मिले थे तो ऐसा कुछ भी नही था जिससे उन्हें नापसंद किया जाये। हमारी मुलाकात के करीब 1 साल बाद हमने शादी कर ली थी। बहुत ही सुलझे हुए है रियान। मै बहुत चुलबुली हुआ करती थी। थी? हम्मममम थी। अब रियान के पास बैठती हूँ तो लगता दिन भर उन्हे सुनती रहूँ। रियान को कभी गुस्सा होते नही देखा। मुझसे कभी कोई गलती हो जाये तो मेरी पीठ थपथपाकर कहते, मिष्ठी कोई बात नही गलती तो इंसान ही करते है ना। मै उनके हाथ को बाहों में भीच कर मुस्कुरा देती। वो जब लिखते लिखते सो जाते हैं तो मै उनके अल्हड़ बालों को घंटों सहलाती हूँ। उनका स्पर्श मुझे सुकून देता है। रियान कभी वायदा नही करते। वो कहते हैं एक वायदे पूरे करने में अक्सर बहुत सी जरूरी चीजें अधूरी रह जाती हैं।
    पर मै ये सब आपको क्यूँ बता रही हूँ?बस यूँ ही बैठी थी तो सोचा बारिश के साथ मै खुद भी बह जाऊँ कागज कलम में। सारे किस्से एक से नही होते। कुछ किस्से प्रेम के होते हैं।

    ©malhar_

  • malhar_ 18w

    रोहन कल से गायब है। कुछ पता नही कहां गया। आखिरी बार यही बेड पे बैठा चाय पीता नज़र आया था, ऐसा उसके घर वाले बता रहे है। बगल वाले विनोद अंकल को शक है कि उसे कोई गायब कर दिया होगा। माँ की परेशानी को बंद आँखों से भी देखा जा सकता है पर उसकी बेचैनी को मापा नही जा सकता। एक बाप जो अपने जवान बेटे के लापता होने से बौखलाया हुआ है, कुछ बोल नही रहा। कहते है आजकल के बच्चों के बारे में जनना हो तो उनके दोस्तों से पूँछा जाना चाहिए। अगले पाँच मिनट में उन सभी दोस्तो से पूँछा गया जिन पर रोहन का अटूट विश्वास था। ये आश्चर्य की ही बात थी कि किसी को भी रोहन का पता नही था।
    पिछले दो दिनो में चार बार दोस्तों, रिश्तेदारों से पूँछा गया, जब निराशा हाथ लगी तो माँ ने भी अपने होश खोने शुरू कर दिये। ये असहनीय पीड़ा थी, जिसे सहन करने के लिए कोई यंत्र नही बन पाया तब शायद ईश्वर ने बाप बनाया। उस माँ की किसी भी बद्दुआ का असर किसी पर नही पड़ा, रोहन अब भी गायब था। रिश्तेदारों से पता चला रोहन बारहवीं में 93 परसेंट मार्क्स लाया था, घर आने के बाद पिता की दुकान में हाथ बटाता था । इससे पता चलता है कि रोहन एक कर्मठशील लड़का था। अभी तक किसी ने भी उसके गायब होने की जिम्मेदारी नही ली थी । थक हार कर आखिरकार पुलिस में रपट लिखवाई गई, छानबीन शुरू हुई। शुरूआत रोहन के घर से हुई। उस घर में रोहन का बचपन मिला, उसकी शरारतें मिली, रोहन के खिलौने मिले, रोहन के 93 परसेंट मिले पर रोहन कहीं ना मिला।
    बाहरी पूँछताछ से पता चला रोहन दो दिन पहले ही जा चुका था। कहाँ? चार कांधों पर कहीं तो ले जाया गया है उसे जहाँ से वापस आना मुमकिन नही। माँ-बाप के इस मर्ज का कोई इलाज नही था। पुलिस जा चुकी थी। माँ- बाप के कहने पर रोहन के लापता होने के पोस्टर लगवा दिए गये थे।
    कुछ महीनों बाद पता चला रोहन के माँ-बाप गायब हैं।
    _________________________________________________________
    दादा जी मुझे तारा नही बनना।
    क्यूँ?
    तारे टूट जाते हैं।

    #fromnotepad
    #malharism
    #mirakee

    Read More

    गुम हुए लोगों की तलाश आज भी जारी है,
    और ये अनंत काल तक चलने वाली खोज है।

    ©malhar_

  • malhar_ 18w

    मै समझता हूँ बचपना करने की कोई उम्र, कोई हद नही होती। मुझे लगता है कि मै चाहे कितना भी बड़ा क्यूँ ना हो जाऊँ पर मुझे रेलवे स्टेशन, मुड़ते हुए रेल के डिब्बे, उन डिब्बों की खिड़की वाली सीट पर बैठा मै, पटरी बदलती रेलगाड़ी की आवाज, हमेशा से मुझे असीम खुशी देते रहेंगे। हो सकता है मै अपनी जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर रहूँ पर फिर भी मुझे ये खुशी देते रहेंगे।
    काॅलेज से घर की दूरी इतनी कम है जितनी हमारे समाज की सोच बस इतनी, फट्ट से घर आ जाता है। पर घर पहुँचना उतनी खुशी नही देता जितनी खुशी उस सफर में है। भागती हुई सड़के बहुत पसंद है मुझे। दौड़ते हुए पेड़ों की खास बात ये है कि वो कहीं जाते नही। एक बार सफर करते हुए दो लोग मिले, उनमें से एक ने पूँछा कि खुशी के क्या मायने है। दूसरा व्यक्ति जो एक हाथ में सिगरेट लिए था और दूसरे हाथ में अपना बेशकीमती मोबाइल पकड़े था, बाहर देखते हुए उसने घर, पैसा, नौकरी और ना जाने क्या क्या कारण बताये पर एक भी ऐसा करण नज़र नही आया जिससे मुझे खुशी मिले। तब समझ आया सबकी खुशी के अलग मायने हैं। पर उम्र के साथ हम अपने दायरे जब सीमित कर लेते है तो हमारी खुशियाँ भी सीमित हो जाती है। सीमित दायरों का कारण हमारा समाज है जिस पर कुछ भी कहा जाना व्यर्थ सा है।
    जब हम छोटे होते थे तो बारिश में भीगना हमें पल में ना जाने कितने जनमों की खुशियाँ दे जाता था, और अब ये सब बचकाना सा लगता है। हम उन खुशियो की तरफ भाग रहे हैं जो शायद एक दिन खत्म हो जायेंगी पर हमारा नाजुक हृदय ये महसूस करता है कि बारिश में भीगना, दूर क्षितिज को देखना, रेलगाड़ी के डिब्बों का मुड़ना , पटरियाँ बदलती रेलगाड़ी की आवाज सुनना और भागती सड़के हमेशा से खुशी देती आईं हैं।
    _______________________________________________________
    #fromnotepad
    #malharism
    #mirakee

    Read More

    मै समझता हूँ कि गम को जिंदगी का हिस्सा मान लिया जाये
    तो खुश रहने के बहाने खोजने नही पड़ेंगे।

    ©malhar_

  • malhar_ 20w

    इस तरह की हरकतें करने वाली जनता आपको भारी मात्रा में हर जगह मिलेगी....����

    *Deactivate hone se pahle padhe, savdhan rahe...��

    #weekendgyan
    #muft
    #miraquill

    Read More

    लोग आते है....

    5 मिनट में 10-15 पोस्ट करते हैं

    और फिर डिएक्टिवेट करके चले जाते है।

    ©malhar_

  • malhar_ 20w

    बनी (Bunny)
    कलम थोड़ी और दूर जा सकती थी पर फिर लगा कुछ चीजें आप पर भी छोड़ी जायें।

    #yjhd
    #malhar

    Read More

    दुख होता है जान कर कि हम बनी नही बन सकते। प्रक्टिकली ये पाॅसिबल ही नही है। बनी उड़ना चाहता है, भागना चाहता है और सबसे बड़ी बात बनी गिरना भी चाहता है। हम गिरना कहां चाहते है? हम तो बस उड़ते रहना चाहते है। मैच्योरटी वही है जब हमे पता चल जाये की बनी बने रहना आसान नही है।
    है क्या?

    ©malhar_

  • malhar_ 20w

    उसे आईलाइनर पसंद था, मुझे काजल!
    वो फ़्रेन्च टोस्ट और कॉफ़ी पे मरती थी,
    और मै अदरक की चाय पे!
    उसे नाइट क्लब पसंद थे मुझे रात की शान्त सड़के, शान्त लोग मरे हुए लगते थे उसे, मुझे शान्त रहकर उसे सुनना पसंद था। लेखक बोरिन्ग लगते थे उसे।
    पर मुझे मिनटो देखा करती जब मैं लिखता। वो न्यूयार्क के टाइम्स स्कवायर,इस्तांबुल के ग्रैन्ड बाजार में शॉपिंग के सपने देखती थी, मै असम के चाय के बागानों मैं खोना चाहता था!मसूरी के लाल डिब्बे मैं बैठकर सूरज डूबना देखना चाहता था!उसकी बातों में महँगे शहर थे,और मेरा तो पूरा शहर ही वो! ना मैने उसे बदलना चाहा और न उसने मुझे।

    एक अरसा हुआ दोनो को रिश्ते से आगे बढ़े। कुछ दिन पहले उनके साथ रहने वाली दोस्त से पता चला वो अब शान्त रहने लगी है, लिखने लगी है, मसूरी भी घूम आयी है लाल डिब्बे पर अंधेरा होने तक बैठी रही है! आधी रात को उसका मन अचानक से अब चाय पीने को करता है! और मैं....

    मैं भी अक्सर कॉफ़ी पी लेता हूं किसी महंगी जगह बैठकर!!
    _________________________________________________________
    इस पोस्ट को दोबारा लिखने का सिर्फ ये मक्सद है की पहले वाली खो गई थी।

    #fromnotepad
    #malharism
    #miraquill

    Read More

    प्रेम में डूबे हुए लोग दूरियाँ नही नापते....
    कुछ दूरियों के मायने अलग होते है,
    कुछ मायने प्रेम के होते है।

    ©malhar_

  • malhar_ 23w

    ये एक लेखक ही तय करता है कि उसकी कहानी को मंजिल मिलेगी या नही।
    जिन कहानियों से उसे मोह है वो अधूरी ही छूट जाती हैं।

    ©malhar_

  • malhar_ 24w

    ये खुशी के पल है ये भावुक पल हैं।

    गोल्ड कहाँ तक टाला जाये,
    फेंक जहाँ तक भाला जाये।।

    #neerajchopra
    #olympicgold2020

    Read More

    दोनो तरफ लिखा हो भारत
    सिक्का वही उछाला जाये,

    तू भी है राणा का वंशज
    फेंक जहाँ तक भाला जाये।।

  • malhar_ 25w

    Okay bye....����

    #tinderlite
    #instalite
    (Mirakee thoda thoda sab kuch hai��)

    Read More

    Yaha log aate hain...
    Relationship banate hain...
    Aur chale jaate hai.

    ©malhar_