mittal_saab

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  • mittal_saab 49w

    I asked national Jiju whats the major difference between his wife Pink & her bro Clown as both are alike. He says yes they look alike, both are dumbo but difference is that of Land. I said yeah Prince has large Land. He laughed & said ironically it’s opposite, Pink has got it..�� #RGKMKB

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    Rahul Gandhi ji kisaano ko chod ke chale gaye, ye kehna galat hai, haan physically wo kisaano ko chod kar Italy zaroor chale gaye hain lekin unka saara Land Haryana aur Punjab mein hai jahan unke jija ji kheti kar te hain. Rahul ji kisaano ko toh kya kisi ko bhi nahin chod sakte

    ©mittal_saab

  • mittal_saab 49w

    तुम्हारी यादें अक्सर मध्य-रात्रि में अश्रुग्रंथियों से झर जाया करती हैं ठीक उसी भाँति जैसे हरसिंगार का पुष्प अपनी टहनियों से मध्यरात्रि में झर जाया करता है फिर अगली सुबह आती हैं हरसिंगार के पुष्प समान तुम्हारी यादों की नयी स्मृतियाँ!!... #Pratiksha_Mai_Prem

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    धीमे बहुत धीमे से
    साँसों में उतरती है रात
    और मेरे ख़ाब में रख जाती है
    तेरी सिहरन...

    मैं इन रातों का ऋणी हूँ
    जो आभासी ही सही
    गढ़ती रही हैं
    तेरे होने के भ्रम...

    मैं नींदों का शुक्रगुज़ार हूँ
    जो तेरी
    एक आहट की आस में
    भटकती रहीं जहाँ-तहाँ...

    मैं रतजगों का कर्ज़दार हूँ
    जो कुछ देर ही सही
    भर गए इस दुर्दांत तन्हाई को
    तेरे कत्थई रंग से...

    फ़िर धीमे बहुत धीमे से
    नसों में उतरता है अँधेरा
    धीमे धीमे से टूटता है
    तेरे होने का वहम....

    ©mittal_saab

  • mittal_saab 49w

    यह नीले अनन्त,
    समुद्र की तलहटी
    जंगल
    और रेगिस्तान के भयावह चुप सा
    तुम्हारा अबोला
    मुझे भीतर से आतंकित करता है

  • mittal_saab 49w

    शहर भी वही है
    रात भी वही है
    और आसमान भी वही है
    इसी शहर में इसी आसमान के नीचे
    सुनाते थे,किस्से दुनिया की
    घर के मसले और भविष्य के सपने

    मगर शहर शहर नही लगता
    रात काटने को दौड़ती है
    और आसमान बस एक काला धब्बा लगता है

    क्योकि अब तुम नही हो न !!

    ©mittal_saab

  • mittal_saab 49w

    .

  • mittal_saab 49w

    अगर अंतिम बिन्दु पर ईश्वर कह दे..कि मैं कुछ नहीं ले जा सकता...कोई याद..कोई अनुभूति भी नहीं..

    तो तुम्हारे लिए लिखी सारी कविताएं मैं पृथ्वी, जल, आकाश, वायु और अग्नि में बाँट जाऊंगा...
    ताकि जब मुझे दोबारा देह मिले तो ये सारी कविताएं मुझ में हों..

    ©mittal_saab

  • mittal_saab 49w

    और किसी दिन हो जाऊंगा मैं कोहरा..
    मेरी मुक्ति धूप की प्रतीक्षा में

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    .

  • mittal_saab 49w

    जब हम लिख रहे होते हैं कोई प्रेम या विरह की पँक्तियों को तो ना जाने क्यों मेरे कलम की स्याही मेरे अश्रुओं की तरह कभी ख़त्म होना ही नहीं चाहती वो
    लिख देना चाहती है सब पीड़ाएँ या सब वो मार्मिक एहसास जो हृदयगति को मद्धम कर देते हैं !मन कभी कभी स्मृतियों से निकल कर भी नहीं निकल पाता पाता है, सच तो ये है कि हम हाथ में कलम लिए उन स्मृतियों को भुलाने के लिए लिखतें हैं !ये शायद अब जारी रहेगा जीवन की आख़री साँस से मुक्ति तक और इस सफ़र में अगर कोई मेरा सबसे ज़्यादा साथ निभाएगा तो वो कलम जो तुमने हमको दिया था !
    ख़ैर.....

    ©mittal_saab

  • mittal_saab 49w

    जैसे एक भागा दौड़ी से भरे-पूरे,
    थके हुए दिन के बाद
    नीले आसमान से
    सहज उतर आ जाती है
    आंखों में थकान,,
    उतनी ही सहजता से,
    मेरी मृत्यु, आना तुम..

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    ......

    और जिस दिन बिछड़ जाओगे तुम मुझसे,
    मैं विरहाग्नि में जलते हुए इस तरह सिकूँगा अपना देह की, मेरी गर्म साँसों से निकलते धुवें में मैं देखूँ हमारा साथ गुज़ारा हुआ हर पल..वो बातें, वो रातें, वो चाहतें, वो शरारतें...

    वो पल मुझे रोक लेंगे विरहाग्नि में संपूर्ण राख होने से .!.!

    ©mittal_saab

  • mittal_saab 49w

    मैंने आजतक जिए हैं
    प्यार के नाम पर
    वहम बहुतेरे....

    पर ये भी तो सच है
    कि मैं आजतक
    बस कहने को जीता रहा हूँ !

    ©mittal_saab