neha_sultanpuri

हम तो मस्त फ़क़ीर

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  • neha_sultanpuri 3w

    मन की कहासुनी...

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    वजूद को तलाशती
    ख़्यालों की धुन,
    शाम का सन्नाटा और
    तेरी याद की कसक,
    बस यूँही
    बीत जा रहे है दिन
    ©neha_sultanpuri

  • neha_sultanpuri 3w

    तेरी याद से इक शिकायत है मुझे
    ये मुझे ना मुक़ाबिल कर छोड़ती है
    ©neha_sultanpuri

  • neha_sultanpuri 7w

    हक़ीक़तें मुँह मोड़ने पे
    आमादा बैठी है,
    मैं कब तलक इंतज़ार
    एक ख़्वाब का करूँ
    ©neha_sultanpuri

  • neha_sultanpuri 10w

    दर्द-ए-ज़िन्दगी...

    अशआर - Couplets

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    कुछ राब्तों को
    यूँही ख़त्म कर देना
    आसान नहीं होता

    महज़ चंद अशआर
    मिटा देने भर से
    उन अशआरों में
    छिपे अहसास नहीं
    मिटा करते
    ©neha_sultanpuri

  • neha_sultanpuri 10w

    किसी के पास रहना हो
    तो थोड़ा दूर रहना चाहिए।

    ~ जॉन एलिया

  • neha_sultanpuri 14w

    एक फ़िक्र...

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    ज़िन्दगी की उठा-पटक में
    सबकुछ छूट जाएगा कहीं

    वक़्त के नए फ्रेम में
    जब मुड़ कर देखूँगी कभी

    उन अहसासात के
    मायने बदल तो न जाएँगे कहीं
    ©neha_sultanpuri

  • neha_sultanpuri 14w

    उम्र भर जिनको अक़ीदों ने लड़ाए रक्खा
    बाद मरने के वो सब एक ही रब के निकले
    ~ राजेश रेड्डी

  • neha_sultanpuri 16w

    ज़माने की हक़ीक़तों से वाक़िफ़ हूँ
    तेरी निग़ाह में, इसीलिए क़ाफ़िर हूँ
    ©neha_sultanpuri

  • neha_sultanpuri 17w

    क्या खो दूँ
    अब कुछ भी अज़ीज़ नहीं
    सब कुछ खो रहा है
    इन वक़्त की फ़ज़ाओं में

    तुम-मैं का भरम
    ख़त्म हो चला है
    हर जगह एक-सा
    सच का सवेरा है

    क्या खो दूँ अब
    कि कुछ भी अज़ीज़ नहीं
    ©neha_sultanpuri

  • neha_sultanpuri 18w

    अबके हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें
    जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें

    ~अहमद फ़राज़