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  • nisha45 2w

    रेखाएं 'तकदीर' और तकदीर 'जिन्दगी' लिखती है;
    ऐ खुदा! तेरी 'रहमत' और मेरा 'सब्र' आखिर कब फलती है।।
    ©nisha45

  • nisha45 5w

    कर्म

    कर्मण्यता ही करता लोगों को निरंतर परिभाषित,
    छिपे समय के सिलवटों में छवि;को स्वत: करता उद्घाटित ।।
    ©nisha45

  • nisha45 8w

    डर तेरी बेरुखी से नहीं, अनुराग से लगता है;
    अब तो बिन मतलब दूसरा पहचान का भी कम लगता है।
    ©nisha45

  • nisha45 13w

    मां

    तू तो खुली किताब है
    हर मुश्किल का जवाब है,
    अनुभव तेरी विशाल है।
    पगडंडियों पर दौड़ती,
    स्थिर हर बहाव में।
    नभ चूमती तेरे हौसले,
    पहाड़ 'तू'शत्रु समक्ष।
    हर बला को अबला करे
    अपने प्रचंड वेग से।
    वाकपटुता कुशल तेरी,
    छिपे मौन में सवाल है।
    दुष्टों के पांव कांपते
    तेरे एक अट्टहास से।
    मन मोहती स्वजनों के
    तेरी वाणी की माधुर्यता।
    भूखा तृप्त लौटता,
    खुले तेरे भंडार से।
    दीन-दुखियों व आस्रितों को
    नित भावों से सिंचती।
    तेरी सामिप्यता,अनुगम्यता
    बचाता हर कुचक्र से।
    सबके खुशियों का भान है,
    खुद का सिमटा अरमान है।
    कर्तव्यनिष्ठा से भरी कूट-कूट
    निश्छल,निर्मल गंगधार है।
    सुंदर, शीतल लोचनों में
    दिखता संपूर्ण ब्रह्मांड है।
    ©nisha45

  • nisha45 17w

    जिन्दगी

    हरपल जिन्दगी की अपनी कहानी है;
    कभी दु:खतर तो कभी सुहानी है।
    करतब-कलाबाजियों से भरी ये
    नित गिरकर उठना सिखाती है।
    ©nisha45

  • nisha45 21w

    सूर्य

    मेरी किस्मत का सूर्य जिन्दगी के झंझावातों में जा छिपा है
    इसे मेरा अस्ताचल ना समझना ।।
    ©nisha45

  • nisha45 23w

    लक्ष्मण रेखा

    कुछ रिश्तों में रेखा खिंचना लाजमी होता ।
    सीता मैया पे भी प्रलय न आया होता;
    जो खींची रेखा पार न किया होता ।
    ©nisha45

  • nisha45 23w

    जिन्दगी तू मेरी परिक्षाएं क्या ले रहा;
    अब तो अपनी हसरतों के वज़ूद न रहा।।
    ©nisha45

  • nisha45 23w

    डोर

    'डोर'तूने ढीला छोड़ा है या सख्त
    सम्हाल लो चीजें रहते वक्त।
    लाचारी, बेबसी सरीखे शब्दों से गुरेज मुझे
    झुकने न देना सिर मेरा
    ऐसे शब्दावलियों के आगे।
    ©nisha45

  • nisha45 23w

    'कर्मों का भुगतान' है यहां सबको करना।
    सजा मिले या माफी
    सह लेंगे;
    साथ 'तेरा'नाम है काफी।
    ©nisha45