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  • nisha45 28w

    जिन्दगी तू मेरी परिक्षाएं क्या ले रहा;
    अब तो अपनी हसरतों के वज़ूद न रहा।।
    ©nisha45

  • nisha45 28w

    डोर

    'डोर'तूने ढीला छोड़ा है या सख्त
    सम्हाल लो चीजें रहते वक्त।
    लाचारी, बेबसी सरीखे शब्दों से गुरेज मुझे
    झुकने न देना सिर मेरा
    ऐसे शब्दावलियों के आगे।
    ©nisha45

  • nisha45 28w

    'कर्मों का भुगतान' है यहां सबको करना।
    सजा मिले या माफी
    सह लेंगे;
    साथ 'तेरा'नाम है काफी।
    ©nisha45

  • nisha45 35w

    उम्मीद

    हालातों के आगे हारा नहीं करते,
    मंझधार में पतवार यूं छोड़ा नहीं करते।
    पाना-खोना दस्तूर-ए-ज़िन्दगी है;
    उम्मीदों के सूरज से मुंह मोड़ा नहीं करते।
    ©nisha45

  • nisha45 36w

    बहता पानी निर्मल और जमा पानी गंदला होता है;
    वार्तालाप सबल और चुप्पी अबला होता है ।
    ©nisha45

  • nisha45 36w

    इससे पहले

    'रिश्ता' कोमा में जाए
    इससे पहले चुप्पी तोड़ो ।
    जिन्दगी 'ख़ाक' बन जाए
    इससे पहले अंदर पलती ग़लत फहमी छोड़ो ।।
    ©nisha45

  • nisha45 49w

    जा पे लात धरे हनुमंता;सो नर पाताल पहुंचे तुरंता।
    ©nisha45

  • nisha45 50w

    प्रस्थान

    तुम गए और गया तुम्हारा सारा सामान।
    पर यादों की तकलीफें
    क्यों दामन छोड़ गए।
    बगिया की रौनक गई
    अमिया भूली स्वाद।
    कोना-कोना सूना पड़ा
    जैसे ढूंढ रही तेरी मधुर हाजिरी।
    सुबह-शाम वो टहल लगाना,
    फिर बैठ कर खूब बतियाना।
    वो हंसी-ठहाके कहां गए,
    सब हलचल हो गई शांत।
    ले गए, कुछ छोड़ गए तन्हाई एक समान।
    समय ठहर‌ सा गया ‌है अब
    जिसकी जब थी घोटक चाल।
    पल-पल का उत्साह गया,
    फीकी सबकी मुस्कान।
    कहकहे लगा कर 'खाना' खाना
    तनिक रुक कर मिष्ठान पाना।
    अब तो बस पूरा होता
    'कोरम' दिन भर के जलपान का;
    बातचीत भी हवा हुई
    अपने सांसारिक विषयों के।
    समरसता सिमट के साथ गई
    छुप तेरी परछाई संग।
    तुम गए और ले गए बंधा अनुपम समां।।
    ©nisha45

  • nisha45 50w

    संकुचन दिल का प्रेम-प्रवाह रोकता है;
    ज्यों कलियां खिलने से पहले सर्वथा मसला जाता है।
    ©nisha45

  • nisha45 52w

    बोलती आंखें

    किसी को जानना है तो,
    उसकी आंखों में जरा झांक कर देखो।
    बहुरूपिए भले ही रुप बदलते हैं;
    पर आंखें कल ई खोल जाती हैं।
    ©nisha45