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Reposts
  • panchhiiii 5d

    कैसे समझाऊं खुद को उठ रही मन में जो खालिश है,
    खुद से लड़कर खुद में ही जल रही हूं, ये कैसी तपिश है,
    न जाने क्यूं डरती हूं दिल की बात सुनने से,
    चाह कर भी मैं नही चाहती हूं ऐसा, ये कैसी ख्वाहिश है।
    ©panchhiiii

  • panchhiiii 1w

    दिल मे उठ रही ये कैसी कश्मकश है कुछ समझ नहीं पा रही हूं,
    उलझनों को कब से सुलझाने की कोशिश में और भी उलझती ही जा रही हूं,
    नहीं जानती क्या सही हैं क्या गलत है, पर अब संभलना मुश्किल सा लग रहा है,
    क्यूंकि दिल और दिमाग की तकरार में बहकती ही जा रही हूं.….........
    ©panchhiiii

  • panchhiiii 5w

    Chalo na yaro, fir milte h,
    Dil k locker me kaid un yado Ko fir se jite h,
    Sath baithkar kuch purani bate karte h,
    Chalo thoda sa wakt, wakt se chheen late h,
    Aur sath milkar us wakt ko khoobsurat yado se sajate h,
    Jo yade thodi dhundhli si padne lgi hai,
    Unhe sath milkar ek baar fir gudgudate h,
    Janti hu, kl ki chinta me aaj thoda jada busy ho gye h sab,
    Chalo na, is wakt ki aapadhapi se thoda sa wakt chura late h,
    Jindagi ki kitaab k ek sade panne ko sath milkar rangeen banate h,
    Sath milkar kuch palo ko aur bhi haseen banate h,
    Wakt ki bhagabhagi ne hm sabko thoda apne jaisa bna diya h,
    Kuch chojo ne hme hmse hi juda kr diya h,
    Chalo na yaro, milkr is wakt ko chidhate h,
    Ek baar fir milkr purani yado ki dhundhali pd gyi ek nyi tasveer banate h,
    Wakt aur jimmedariyo ki aapadhapi me jin ehsaso ko hm rakhkar khi bhul gye h,
    Chalo na yaro, un ehsaso ko khi se bator late h,
    Kitne achhe the wo pal jb sir khali aur kandhe bhari hua krte the,
    Chalo na yaro, idhar udhar bikhar gaye un palo fir se samet lete h,
    Sath milkar kuch nyi yade banate h, kuch nye khawab sajate h,
    Chalo na yaro, ek baar fir milte h....................


    ©panchhiiii

  • panchhiiii 7w

    शुक्रिया दोस्तों, मेरी जिन्दगी में आने के लिए,
    शुक्रिया, मुझे अपना बनाने के लिए,
    शुक्रिया, अपनी हर खुशी में मुझे ख़ास हिस्सा बनाने के लिए,
    शुक्रिया, मेरे हर गम को अपनाने के लिए,
    शुक्रिया, मेरे अनकहे लफ्ज़ों को भी समझ जाने के लिए,
    शुक्रिया, मेरे रोते हुए चेहरे पर मुस्कुराहट लाने के लिए,
    शुक्रिया,मेरे बेवजह रूठने पर भी मुझे मानने के लिए,
    शुक्रिया, साथ बिताए हर लम्हें को एक खूबसूरत याद बनाने के लिए,
    शुक्रिया, मेरी उदासियों को हसाने के लिए,
    शुक्रिया, हमारे इस अनजान से रिश्ते को दोस्ती के नाम से सजाने के लिए!!!!!!
    ©panchhiiii

  • panchhiiii 9w

    जैसे दिन पूरा होने के लिए रात को महताब और सुबह के लिए आफ्ताब जरूरी है,
    उसी तरह जीने के लिए कभी लबों पे हसीं तो कभी आंखों में आब जरूरी है,
    कुछ चीजों का न मुकम्मबल होना ही सही मायनों में मुकम्म्बल होना कहलाता है,
    इसीलिए ख्वाहिशें करने के लिए एक अधूरा सा ख्वाब जरूरी है!!!!!!
    ©panchhiiii

  • panchhiiii 10w

    कुछ गलतियां हमसे हुई, तो कुछ गुस्ताखियां तुम्हारी भी तो थी,
    कुछ नासमझ हम थे, तो कुछ गलतफहमियां तुम्हारी भी तो थी,
    चोट लगी, दर्द बेहद हुआ, पर फिर भी मैं खुश थी,
    क्योंकि दर्द में सिर्फ मैं ही नही थी, आंखें रोई हुई तुम्हारी भी तो थी
    ©panchhiiii

  • panchhiiii 11w

    सिर्फ़ अल्फाजों का तूफान ही सब कुछ बहाकर नही ले जाता है,
    खामोशी का सैलाब भी अक्सर बुरा रुख दिखाता है!!!
    ©panchhiiii

  • panchhiiii 11w

    सिर्फ अल्फाज़ ही नही होते गलत हो जाने की वजह,
    जो समझते थे हमे, वो भी नही समझ पाते खामोश होने की लहज़ा,
    सोचा कुछ कहकर बात बढ़ाने से अच्छा है खामोश होकर खुद को गलत बताकर बात खतम करूं,
    पर कभी कभी खामोश रहकर भी पा लेते हैं हम गलत होने की सज़ा!!!
    ©panchhiiii

  • panchhiiii 13w

    उड़ते जिंदगी के सादे पन्नों को,
    मुझे जमीं से फलक तक ले जाना हैं,
    उड़ते उड़ते फलक से टकराकर,
    इन्द्रधनुष के रंगों के साथ मिलाना हैं,
    जिंदगी के सादे पन्नों को,
    मुझे इन्द्रधनुष से भी ज्यादा रंगीन बनाना हैं ,
    आंसुओं को भी इनमे मोती सा सजाना हैं,
    आसमां से बाते कर उन्हें भी अपनी कहानी सुनाना हैं,
    आसमां के तारों से इन पन्नों को भर जाना हैं,
    खुद को तो एक न एक दिन मिट्टी में मिल जाना है,
    पर जिंदगी के पन्नों आसमां की ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
    ©Prachiiii

  • panchhiiii 15w

    मुझे नहीं पता कि कैसा रिश्ता है हमारा पर जो भी है बहुत खूबसूरत है,
    ज्यादा दिन हम दोनो ही एक दूसरे से गुस्सा नही रह पाते हैं, यही तो हमारे रिश्ते में खासियत है,
    ये जो छोटी छोटी बातों पर रूठ जाती हो मुझसे तुम,ये बताती है कि तुम भी मुझे अपना मानती हो,
    तुम रूठो, तुम्हे हर बार मना लूंगी, तुम्हे रूठने की पूरी इजाजत है!!!!
    ©panchhiiii