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Reposts
  • pandeyajay 7w

    मौसम सा रुख अपना लूँ तो,
    फिर रिश्तों का विच्छेदन होगा,
    नदियों सा रुख अपना लूँ तो,
    फिर क्षेत्र सारा जलमग्न होगा,
    हवाओं सा रुख कर लूँ तो,
    फिर तूफानों का प्रलय होगा,
    गर रुख पशु का लूँ मैं तो,
    फिर अत्याचार असह्य होगा,
    मानुष रूप धरूँ गर मैं तो,
    फिर धरा पर जय-जयकार होगा,
    मौसम सा रुख अपना लूँ तो,
    फिर संधि नहीं विग्रह होगा।

  • pandeyajay 7w

    मैं...����

    मैं सिर्फ आईना ही नहीं हूँ,
    मैं एक बिम्ब का प्रतिबिंबित भी हूँ..
    हाँ कहा न मैं सिर्फ आईना ही नहीं हूं,

    मैं सिर्फ सीसा ही नहीं हूँ,
    मैं एक चमक भी हूँ जिसमें किसी की
    सुंदरता निखरती है ,
    हाँ कहा न मैं सिर्फ सीसा ही नहीं हूँ ।

    मैं सिर्फ एक दर्पण ही नहीं हूँ,
    बल्कि एक सुरक्षा कवच भी हूँ जिसमें दृश्य देख
    आप अपनी जिंदगी बचा सकते हैं,
    हाँ कहा न मैं सिर्फ दर्पण ही नहीं हूँ ।

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    दर्पण

  • pandeyajay 8w

    तुझे पाने की जिद्द में मैं स्वर्ग तक जाऊँगा,
    तुझे बचाने की प्रतिज्ञा में यमराज से भी लड़ूँगा,
    तू मेरी है फिर मुझे मिलनी भी चाहिए,
    फेरे नहीं लिया तो क्या यम को घर से भी फिरा दूँगा ।
    I'll MiSS you Dear Ankita

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    कैंसर

    प्यार का अधूरा रास्ता

  • pandeyajay 8w

    प्रेम में भावुकता जायज है....तुम्हारा गुस्सा भी जायज है क्योंकि प्रेम जो करती हो तुम मुझसे,
    प्रेम में शंका जायज है ....शंका प्रेम की चर्मोत्कर्ष की दशा को बताता है जो मैं तुझसे करता हूँ,
    प्रेम में विरह जायज है.....विरह प्रेम में पागल प्रेमी के न मिलने की दशा का परिणाम होता है जो हमसब दोनों को है ,
    प्रेम में क्षमा जायज है.....क्षमा करते ही प्रेम पुनः जीवंत हो जाता है जो हम करते हैं ,
    प्रेम में त्याग जायज है.....त्याग प्रेम की महत्ता और हमारा धैर्य को बढ़ा देता है जिसे हम करते हैं ।

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    ,

  • pandeyajay 8w

    ठंड का मौसम है तनिक नब्ज भी टटोल लिया करो,
    मेरी कोई फिक्र नहीं, पर अपनी उम्र का तो ख्याल किया करो ,

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    ठंड का मौसम है तनिक नब्ज भी टटोल लिया करो,
    मेरी कोई फिक्र नहीं, पर अपनी उम्र का तो ख्याल किया करो ,

  • pandeyajay 8w

    ख्वाहिश हो तुम....पर आखिरी नहीं जब तक मिल न जाओ,
    जुनून हो तुम .....पर सोये सपनों का नहीं जो टूटते ही खत्म हो जाओ,
    परिणाम हो तुम....पर जिंदगी का नहीं एक परीक्षा का जिसे न पास कर सकूँ तो भी कोई फर्क नहीं,
    रास्ता हो तुम....पर मंजिल का नहीं जिसपर न चलूँ तो मंजिल छूट जाएगी,
    प्रतीक्षा हो तुम....पर मृत्यु का नहीं जिसको सोचकर मैं सहम जाऊँ ,
    बस ख्वाहिश ही हो तुम....पर आखिरी नहीं जबतक मिल न जाओ ।।

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    .

    ख्वाहिश हो तुम....पर आखिरी नहीं जब तक मिल न जाओ,
    जुनून हो तुम .....पर सोये सपनों का नहीं जो टूटते ही खत्म हो जाओ,
    परिणाम हो तुम....पर जिंदगी का नहीं एक परीक्षा का जिसे न पास कर सकूँ तो भी कोई फर्क नहीं,
    रास्ता हो तुम....पर मंजिल का नहीं जिसपर न चलूँ तो मंजिल छूट जाएगी,
    प्रतीक्षा हो तुम....पर मृत्यु का नहीं जिसको सोचकर मैं सहम जाऊँ ,
    बस ख्वाहिश ही हो तुम....पर आखिरी नहीं जबतक मिल न जाओ ।।

  • pandeyajay 9w

    खुद की तकलीफ बहुत ज्यादा लगती है,
    दूसरों की तकलीफ तो बहाना लगता है ।

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    कभी खुद सा किसी और को भी समझना

  • pandeyajay 9w

    आओ जी लो मेरे साथ मेरी जिंदगी,
    खुद की नाराजगी से तुझे नफरत हो जाएगी,
    चल गया पता तुझे की मैं फरेबी हूँ,
    ढूंढना मुझसा तो भ्रम का नशा चूर हो जाएगा ।

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    ,

  • pandeyajay 9w

    आँख है....समुद्र सा गहरी न है,
    समुद्र सा अश्क प्रवाह न है,
    हाँ समुद्र सा अशांत जरूर है,
    पर समुद्र सा प्रचंड गर्जन न है,
    हाँ थोड़ी भावुकता है,
    थोड़ी हया है ,
    थोड़ा प्रेम है,
    पर समुद्र सा निमर्म नहीं,
    समुद्र सा अहंकारी नहीं,
    हाँ थोड़ी शालीनता है ,
    थोड़ी उदंडता भी है,
    फिर भी आँख ही है... समुद्र सा गहरी न है ।

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    आँख है....समुद्र सा गहरी न है,
    समुद्र सा अश्क प्रवाह न है,
    हाँ समुद्र सा अशांत जरूर है,
    पर समुद्र सा प्रचंड गर्जन न है,
    हाँ थोड़ी भावुकता है,
    थोड़ी हया है ,
    थोड़ा प्रेम है,
    पर समुद्र सा निमर्म नहीं,
    समुद्र सा अहंकारी नहीं,
    हाँ थोड़ी शालीनता है ,
    थोड़ी उदंडता भी है,
    फिर भी आँख ही है... समुद्र सा गहरी न है ।

  • pandeyajay 9w

    ऐ चाँद..... तू लैम्प की भूमिका मत निभाना,
    एक कमरा प्रकाशित करने में सारा जहान को अँधेरा कर दोगे ।

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    ऐ चाँद..... तू लैम्प की भूमिका मत निभाना,
    एक कमरा प्रकाशित करने में सारा जहान को अँधेरा कर दोगे ।