parana_de_rio

न हन्यते हन्यमाने शरीरे

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Reposts
  • parana_de_rio 15w

    मेरा खुदा मर चुका है ����

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    दुनियाँ की एक उम्र है जरा खौफ खाइये
    अपना खुदा यहां पर खुद ही बनाइये

    अतिरेक

  • parana_de_rio 15w

    डूब कर मरने में इंसान नही इरादे मरते हैं ������

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    पानी कितना है? मत पूंछ
    कम है तू, मैं जितना भी हूँ

    अतिरेक

  • parana_de_rio 15w

    ऊबते भी नहीं हो? जिंदगी की मंजिल से

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    खुद से बचूंगा थोड़ा भी जिंदगी
    तुझे, जी भर के फिर जियूँगा

    अतिरेक

  • parana_de_rio 16w

    दुनियाँ में सब कुछ गोल ही नही है ������

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    इक दीन के बंदे ने जब हिज्र किया अाखिर
    दुनियाँ को हिजरी में तब वक्त समझ आया

    अतिरेक

  • parana_de_rio 16w

    ������

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    जवानी खराब कर लो
    इक दिन हो जानी है

    अतिरेक

  • parana_de_rio 16w

    ��

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    तन्हाईयों से बड़ी
    कोई भीड़ होती ही नहीं
    ये लश्कर ऐसा के यहां
    कुछ भी कहा जाता नही
    कुछ भी सुना जाता नही

    अतिरेक

  • parana_de_rio 16w

    जिस रात की कोई सुबहा न हो
    फ्रिक के जुगनू न हों
    गमज़दा तारे न हों
    चांद से हारे न हों
    उस रात तुम जीना मुझे
    उस रात तुम पीना मुझे
    अश्क हूं नमकीन हूं
    औसतन गमगीन हूं
    पर, तुम पीना मुझे


    जिस रोज हो इक आईना
    बेदाग हो देखे तुझे
    तुम गौर से तस्दीक़ देना
    होना मेरा खोना मुझे
    बंद कर आंखे जरा फिर
    दाग वो महसूस करना
    क्या कुछ दिखा पाया तुम्हे
    कोई अाईना तुमसा तुम्हे?
    मशरूफ जां आजाद हो
    कुछ इस कदर जीना मुझे
    अश्क हूं नमकीन हूं
    औसतन गमगीन हूं
    पर, तुम पीना मुझे


    यह जान लेना सब्र भी
    हारेगा ही उस रात को
    कोई सूरज न आयेगा
    खत लिये मिरी बात को
    और तुमको भी उठाने
    नींद गहरी से जगाने
    जिंदगी की शय बताने
    शाम के मातम मनाने
    फिर न कोई अायेगा
    कोई ख्वाब जो भाये तुझे
    बस उसे ही कैद कर
    आजाद तुम करना मुझे
    अश्क हूं, नमकीन हूं
    औसतन गमगीन हूं
    पर, तुम पीना मुझे


    अतिरेक

  • parana_de_rio 16w

    Tu Kareemi Man Kamina Barda Um
    Laikin Az Lutf E Shuma Parwarda Um

    Zindagi Aamad Bara’ay Bandagi
    Zindagi Be Bandagi Sharmindagi

    Yaad E Oo Sarmaya E Eeman Bo’ad
    Har Gada Az Yaad E Oo Sultan Bo’ad

    Sayyad O Sarwar Mohammad Noor E Jaan
    Mehtar O Behtar Shafi E Mujrimaan

    Choon Muhammad Pak E Shud Az Nar O Dood
    Her Kaja Roo Karad Wajhullah Bood

    Shahbaaz Lamakani Jaan E Oo
    Rehmatal Lil Aalameen Dar Shaan E Oo

    Mehtareen O Behtareen E Ambiyaah
    Juz Muhammad Naist Dar Arz O Samaa

    Aan Mohammad Hamid O Mahmoud Shud
    Shakal E Abid, Sorat E Ma’bood Shud

    Auliyah Allah O Allah Auliyah
    Yani Deed E Peer Deed E Kibriyah

    Her Ka Peer O Zaat Haqra Aik Na Deed
    Nai Mureed O Nai Mureed O Nai Mureed

    Maulvi Hargiz Na Shud Maula E Rum
    Ta Ghulaam E Shams Tabraizi Na Shud



    Rumi

  • parana_de_rio 16w

    मन के तूफान को मोड़ना सीख लो
    जिंदगी रोज़ तुमको यूं तूफ़ान देगी

    आसमां चीरने कोई जाता नही
    सब्र रब, ये मौका, कोई विहान देगी

    जब लगे, के तुम कुछ भी न हो
    हो क्या तुम, खबर ये,तिरी जान देगी

    सुनना बडा़ सब्र रखकर उसे
    संगीत जब कोई शमशान देगी

    इरादों को पत्थर, बना कर चलो
    ठोकरों देख तुमको भी ज्ञान देगी

    मंजिलो का कहूं क्या बेवफा हैं बहुत
    पहले जो पहुंचे उसे मान देंगी


    अतिरेक

  • parana_de_rio 16w

    जलेबी ��

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    सफर का मुस्कुराना भी
    सुहानी शय के बस नही

    रख लो बांध होंठो पर, यूं
    बह जाना भी, बस नही

    अतिरेक