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Reposts
  • parle_g 1w

    .....Feel The Speed....

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    Going To Develop
    A Python Mirror Group...( Torrent Mirror Group )
    It Will Help You ...In
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    And Those Who Can't buy
    A premium Course....( Free )
    You can Also Download All OTT
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    It Will Provide You Gdrive/Index Link With Fast Speed...

    CMdS List:

    /qbmirror ( magnet link )
    /clone ( gdtot/appdrive/gdrive link)
    /watch (YouTube Video/Playlist Link)
    /Ping
    /Speedtest
    /UnzipMirror
    /Tarmirror
    /Mega.nz
    /List

    many other cmnds...

    Download Speed - 18 GB/s
    Uploade Speed - 30GB/s

    Group Storage - 1000TB

    ~~ Jiya Khan

    Soon...It Will Be On Telegram...
    ©parle_g

  • parle_g 1w

    ज़िन्दगी और मौत !

    इन दोनों में से... कौनसा पहलू...
    जियादा सत्य है....?

  • parle_g 1w

    ......
    2122 2122 2122 2122

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    ग़ज़ल/ ख़त

    कैद गाहों में पड़ी लाशों का अरमाँ लिख रही हूँ
    मैं किसी प्यासे की बर्बादी में दरि'या लिख रही हूँ

    ये मिरे हा'थों से उजडे घर की मिट्टी है खतों में
    रे मिरी माँ, ये नही कह'ना, मैं सह'रा लिख रही हूँ
    ©parle_g

  • parle_g 1w

    ???

    इक़ सफ़ल लेखक/लेखिका कौन
    होता/होती है...???
    ©parle_g

  • parle_g 1w

    मुझे.... और कोई हौंसला न दे साकी...
    मैं पी रहा हूँ.... तो... पीने दे साकी....

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    ग़ज़ल / तन्हाई

    2122 2121 2222 2122
    दाग़ कोई गम नही मगर अब बोझल हो गया हूँ
    मैं किसी साहिल के घाट की इक़ दलदल हो गया हूँ

    तुमने देखा होगा इक़ मिरे मातम का हाल जानी
    हाए! कितनी बे-कली है कोई जा'हिल हो गया हूँ

    कीमतें कितनी रखी थी तुमने इस उजड़े चमन की
    कम्बख्त मैं कोई सो'ना था अब पीतल हो गया हूँ

    जिसको भी देखो, वो देखता है जाने क्यों मिरी सू
    आदमी हूँ कोई या कोई इक़ पागल हो गया हूँ

    मुझसे उम्मीदें नही रखो तो अच्छा होगा हामिल
    मैं यहां बिन पानी का महज़ इक़ बा'दल हो गया हूँ
    ©parle_g

  • parle_g 1w

    फ़क़त...

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    शेर

    उसे चाहने वाले मिल जाते है पल में
    मुझसे नफरत नही कर पा रहा कोई
    ©parle_g

  • parle_g 2w

    इस साल भी बीमारी आ गयी है जिया
    इस साल भी लोग, मिलेंगे कम तुमसे
    ©parle_g

  • parle_g 2w

    मैं सालों से तन्हा हूँ....
    हालांकि ये अभी जाना है मैंने
    ©parle_g

  • parle_g 2w

    कुछ बचकानी बातें ही... पूर्ण इक़
    सार होती है... उन बातों का...
    जो बचकानी नही होती....
    ©parle_g

  • parle_g 2w

    मैं कोई बंजर दश्त हूँ
    मैं कोई बे-रेत सहरा सी...
    मुझमें मिला...जा सकता है
    मुझ जैसा होकर....
    ©parle_g