• deepanshita 96w

    सपने

    जिंदगी के सफर में हम लाखों सपने रखते हैं,
    कुछ देखते हैं और कुछ देखने से डरते हैं।
    और अक्सर उन्हें ही पागल कहती है यह दुनिया
    जो बेखौफ इन रास्तों पर चलते हैं।
    गाड़ी घोड़े नहीं, यहां कदम अपने आप आगे बड़ते हैं।
    क्यूंकि लगता हैं, शायद कहीं जा मिलेंगे ये ज़िंदगी से,
    और नहीं भी मिले तो रास्ते बदलने की हिम्मत रखते हैं।
    आप एक बार नींद से उठ कर तो देखो जनाब,
    ये टूटे ख्वाब ही आप के अंदर के हीरे को
    परखने की ताकत रखते हैं।
    ©deepanshita