• rnsharma65 74w

    मित्र

    आज इन्टरनेट की दुनिया में हैं अनेक मित्र
    आनन्द लेते चार्टिंग और वीडियो कॉल कर ।
    और भी अनेक स्वार्थ सिद्धि के होते मित्र
    जबतक रहता फायदा बनते जान देवा मित्र ।
    जिस दिन अपना स्वार्थ हो जाता संपन्न
    दुश्मन बन पछताता नहीं लेने को जीवन ।
    संकट के समय आकर जो खड़ा होता,
    कर्म वचन से मित्र के हृदय धीरज बंधाता,
    समझा कर अपने मित्र को सही दिशा दिखाता,
    जीवन में वह ही तो सच्चा मित्र कहलाता ।।
    ©rnsharma65