• anandita_1812 13w

    आज फिर

    "सोचती हूँ थोड़ा ठहर जाऊँ, थोड़ा संभल जाऊँ,
    जख्मों को सिल कर थोड़ा और आगे बढ़ जाऊँ "
    ©anandita_1812