• alkatripathi 37w

    तुम!

    कुछ सुनहरे सपने पलकों पे ख़ुद-बा-ख़ुद सज गए
    तुम! तुम ही रह गए...और हम तुम्हारे हो गए
    ख़ुद को अब देखूं कहाँ... मेरे दर्पण भी तुम्हारे हो गए
    तुम! तुम ही रह गए... और हम तुम्हारे हो गए
    ©alkatripathi