• 17wishesforsadiah 15w

    सुबह हल्की ठंडी हवाओं को महसूस करने और उगते सूरज से सुनहरे होते आसमान को देखने अक्सर घर के दरवाज़े पर अकेला बैठ जाता हूं। एक हाथ में चाय, और दूसरे में कुछ ख़याल, अर्थात एक किताब लिए। जब हवा से आहिस्ते आहिस्ते हिलते पत्तों की आवाज़ के सिवा नज़दीक के मंदिर में बचती घंण्टियों की आवाज़ सुनता हूं तो कुछ राहत मिलती है, कुछ सुकून मिलता है।

    राहत की वजह यह, कि कहीं शायद किसी की दुआएं पूरी होने वाली हैं, कहीं किसी की भक्ति रंग लाने वाली है। और सुकून सुनता हूं घंटियों की इस आवाज में। मुझको यह घण्टियाँ कभी शोर सी नहीं लगी, हमेशा खुद में एक सुकून छिपाए रखती हैं।
    मगर जब उन्हें सुनता हुआ सोचता हूं, तो ध्यान आता है कि सुकून तो कुछ लोगों की आवाज़ में भी छुपा हो सकता है।
    जब विचारों पर थोड़ा और जोर डालने लगता हूं तो पाता हूं कि वह सुकून कहीं छिपा है तुम्हारी आवाज़ में। जो हर मर्तबा कुछ अल्फाज़ों में लिपटकर आवास के साथ नज़र आता है।

    जानती हो?
    शायद हमारे मिलने का कारण भी यह आवाज़ ही थी, अगर उस दिन तुम्हें ना सुनता, तो आज शायद अनजान बनकर ही रह जाते। शायद!
    मगर, खुशकिस्मत हूं, जो उस दिन वह मासूमियत और सुकून भरी तुम्हारी आवाज़ सुनी। तुमसे पहले उस मासूम आवाज़ ने मुझसे दोस्ती कर ली थी। वही दोस्ती जो हर बार खाली समय में उस आवाज़ को सुनने पर बढ़ती ही जाती है।

    अब भी बढ़ रही है। उन कुछ चुनिंदा गानों को सुनते हुए जो कभी मैंने सुने भी नहीं थे, और आज मुझे जिनकी हर पंक्ति याद है।

    खैर! सिर्फ आवाज़ से तो अच्छी नहीं तुम में, तुम खुद बहुत अच्छी हो। हर बार तुम्हारे जज़्बातों के साथ रिसती लिखावट की बात करूं, या किसी नवजात बच्चे की मुस्कान की तरह मासूम तुम्हारे स्वभाव की या फ़िर इस दोस्ती की बात करूं!
    तुम वाकई, एक बहुत अच्छी दोस्त हो।❤️
    A very happy birthday Sadiah❤️ @daphnae

    From
    Gunjit Jain @gunjit_jain

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    Happy birthday❤️