• shailesh_pathak07 146w

    नहीं हो सकता

    इश्क किसी और से तो हो नहीं सकता,
    दिल किसी और के खयालों में तो खो नहीं सकता।

    रात बहुत हो गई है पर तो क्या करूं,
    मंजिल पहुंचने से पहले तो सो नहीं सकता।

    चाहत जताने को तो मिले नजाने कितने,
    हर किसी के जाने पर ,तो मैं रो नहीं सकता।

    सफर के चलते तो गुजारूंगा नजाने कितने घरों से,
    घर को अपना कहकर तो वहां सो नहीं सकता।

    मुसाफिर हूं सफर तो करता रहूंगा यूं,
    मेरी मंजिल तो हर कोई हो नहीं सकता।

    ©shailesh__pathak