• amar61090 6w

    First poetry

    दिल दुःखता हैं मेरा भी,
    जब कोई प्यार हमकों सिखाता हैं,
    निभाना कैसे हैं प्यार किसी से,
    ये सब हमकों बतलाता हैं,
    अरे समझाओ इन नादानों को,
    मैं ख़ुद
    इश्क़ समझने में, बेहिसाब हूँ,
    अगर हैं ये मोहब्बत के पन्ने,
    तो फ़िर मैं, पूरी की पूरी क़िताब हूँ।
    ©amar61090