• mamtapoet 18w

    ज़माने की रस्में अदा करनी है ,
    मुलाकात पे मुस्कुराने की,
    यूँ कर जिंदगी ,
    कुछ देर के लिए ही सही,
    होठों पर कमल रख जा,
    लफ्जों के छालें छुप जायेंगे कुछ देर।