• rnsharma65 79w

    #Abhivyakti30(✒)

    परमेश्वर के सृष्टि होती कितनी अद्भुत
    हरपल इंतेज़ार में रहते सकल जीव जगत ।
    जैसे साधारणतः सबका सूर्याेदय का इंतेज़ार
    व्रत पालन में करते चंद्रोदय का इंतेज़ार ।
    पेड़ पौधा करते फल फूल की इंतेज़ार
    पशु पक्षी करते आहार का इंतेज़ार ।
    नदी की रहती समन्दर से मिलने की इंतेज़ार
    देवादेवी करती अपने त्यौहार के इंतजार ।।

    मानव का किन्तु इंतेज़ार होते अनेक
    किसी को वसंत का तो किसी को बारीस का
    किसी को अध्ययन की तो किसी को नौकरी का
    किसी को सन्तान का तो किसी को दादा दादी होने का
    किसी को भगवत प्राप्ति की तो किसी को धन की
    किसी को साधु बनने का तो किसी को सेवक होने का
    ऐसे हर दिन हर पल करते रहते हम इंतेज़ार ।।
    सुबह सुबह अभिव्यक्ति विषय की इंतेज़ार
    और रात को फलाफल की उत्सुकता से इंतेज़ार ।।
    ©rnsharma65