• its_ghazalarais 9w

    मेरे रूठने की वजह भी कभी पूछ लेते,
    खुद रूठने से पहले एक बार मनाने की कोशिश तो करते,

    कहते हो दिल दुखाया है,
    एक बार इस दुखे दिल का हाल तो पूछ लेते,

    हां दिल दुखाया मैंने तुम्हारा,
    पर क्यों कभी ये भी पूछ लेते,

    क्या सब खता मेरी है,
    एक बार अपने दिल से ये बात भी पूछ लेते,

    मेरा दिल भी बहुत दुखा है,
    कभी मेरे अश्कों की वजह भी पूछ लेते,

    कहते हो मैं शिकायते बहुत करती हूं कि अभी तो मैने कुछ कहा भी नहीं,
    इस दिल में कितनी शिकायते बिन कुछ कहे ही दफन हो गईं कभी ये भी पूछ लेते,

    मैं बोलती बहुत हूं शिकवा ये है,
    किस बात को छुपाने के लिए ये तमाम बाते करती हू कभी ये भी पूछ लेते,

    मेरी हसी तो देखी तुमने,
    लेकिन इस हसी के पीछे छिपी परेशानियों की वजह भी कभी पूछ लेते,

    सब शिकवे हमसे,
    कभी अपनी खता भी पूछ लेते,

    शिकवा ये की हमने दिल तोड़ा,
    हम किस्से शिकवा करे कभी हमारी खामोशी की वजह भी पूछ लेते,

    हर जुर्म हमने ही तो नहीं किया,
    कभी अपनी खताओं का भी पूछ लेते,

    दिल दुखा तेरा भी दिल दुखा मेरा भी,
    चल एक दूसरे का हाल पूछ लेते हैं,

    चल सब पुरानी बातो को भूल एक नई शुरुआत कर लेते हैं,
    चल एक दूसरे को माफ कर देते हैं,

    चल एक दूसरे के ज़ख्मों का मरहम बन जाते हैं,
    चल एक दूसरे का हाल पूछ लेते हैं।



    ©its_ghazalarais

    Read More

    ❤️