• u_and_me 22w

    अगर

    एक लम्बे अर्ज़े बाद कभी कोई पास बैठेगा
    उतारकर चश्मा मेरा मेरी आंख में झांकेगा
    फिर चेहरा उदास करके मुझसे बात करेगा
    देखना तेरे बारे में ही वो पहला सवाल करेगा
    वो पूछेगा तुमने अपनी ज़िंदगी को जिया क्या है
    सच बताओ अपने ख़्वाब के लिए किया क्या है
    टूटे ख़्वाब के मंज़र के पास कब तक रहोगे
    अब क्या ज़िंदगी भर यूंही उदास रहोगे
    कितना आसान होता है ना सवाल करना
    ख़्वाब
    तेरे बाद अपनी दुनिया में कभी रहा भी तो नहीं
    ख़्वाब पूरा ना हो इसकी वजह थी भी तो नहीं
    माना तेरे पास ना सही पर इतनी दूर भी तो नहीं था
    ख़्वाब टूटा तो क्या करूंगा ये सोचा भी तो नहीं था
    हां मुझे गुस्सा आया जब मुझे आसमां से जमीं पर उतारा गया
    मैं फूट फुटकर रोया जब मेरी जगह किसी और का नाम पुकारा गया
    लेकिन
    मैं उसके हाथ से अपना चश्मा ले लूंगा
    उसके सवाल का कोई जवाब नहीं दूंगा

    ©u_and_me