• tusharsorot 7w

    मैं किसी ऐसे दुनिया में जाना चाहता हूं, जो झूठ-सच से परे हो, जहां व्यक्ति, व्यक्ति से ईर्ष्या न करता हो.. न आगे निकलने की जद्दोजहद और न पीछे छूट जाने का भय, जहां हवाओं में भी प्रेम का वास हो ऐसे किसी जहां में अपना बसेरा चाहता हूं, - "जहां मनुष्यता अपने शिखर पर हो।"
    ©tusharsorot