• angelvision 52w

    बन जा

    बन जा मुसाफ़िर तू सफर का मंज़िल की तलाश न कर , हो जाएगा रूबरू ख़ुद सच से , ख़ुद की पहचान न कर , मिल जायँगे रंग भी बेरंग से अपनो में अपने की तलाश न कर , बन जा मुसाफ़िर तू सफर का मंज़िल की तलाश न कर।।
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