• mamtapoet 8w

    #rachanaprati117
    @jigna_a, @anusugandh, @anandbarun

    आज का विषय है "वो", वो पल, वो शख्स, वो खत, यहाँ वो शब्द सजीव निर्जीव कुछ भी हो सकता हैं, तो बस बुन लीजिये इस शब्द को लेकर खूबसूरत सी कोई कविता, कहानी।
    समय कल शाम 5 बजे तक। विषय चुनाव में विलंब के लिए क्षमा ।��

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    वो

    वो पल फिर याद आ गए
    जो गुलाब सी खूबसूरती रखते थे
    जाते जाते हाथ जख्मी कर गए
    क्योंकि वो काँटों से सलामी करते थे
    फ़ितरत जरा देर से समझ में आयी
    वो जो मुँह में राम, बगल में छुरी रखते थे
    कहने को अब कोई रिश्ता नहीं उनसे हमारा
    वो जो पराये होकर भी मुझमें मैं बनके रहते थे
    पलकों के समंदर ने भी कर लिया किनारा
    वो जो कभी खुशी के बादल बन मन को भीगोते थे।
    ©mamtapoet