• man_ki_pati 23w

    "प्यार".......
    हमारे कुछ दोस्त कहते हैं हम प्यार पर नहीं लिखते...
    बात छोटी सी बात थी..
    लेकिन कही ठहर गई...
    आखिर क्या हैं ये प्यार...
    क्या प्यार को सच में समझा जा सकता हैं..?
    क्या आप कभी समझ पाए..?

    क्या किसी का साथ प्यार हैं..?
    या किसी से जुदाई प्यार हैं..?
    किसी के साथ हसना प्यार हैं..?
    या किसी को याद करके रोना प्यार हैं..?
    आखिर हैं क्या ये प्यार...?
    आपने किसी को चाहा वो आपसे दूर हो गया..
    क्या ये प्यार हैं..?
    या आपने किसी को चाहा वो आपको मिल गया ये प्यार हैं...?

    नहीं एसा कुछ भी नहीं हैं..
    प्यार इन सब से परे हैं...
    वह आसमान के ऊंचाई से ऊँचा हैं..
    सुन्दर कि गहराई से गहरा हैं....
    प्यार में रूहदारी और रूहदारी में प्यार हैं...
    जो आपके अंदर उतऱ जाए बस वही प्यार हैं..
    जो बदले में कुछ ना मांगे बस वही प्यार हैं..
    प्यार में विरह या श्रृंगार नहीं होता..
    प्यार में बस प्यार होता हैं..

    मुहब्बत कभी अधूरी नहीं होती..
    वह तो हमेशा से पूरी होती हैं..
    उसमे अधूरापन कही हैं ही नहीं..
    प्यार में किसी को पाने कि शर्त नहीं होती...
    और ना कभी प्यार को सोच समझकर किया जा सकता हैं..
    ना जाने किससे कब और कहा हो जाए..

    अगर आपको कभी एसा लगे कि आपका प्यार अधूरा हैं..
    तो आपको चुनाव करना होगा..
    प्यार और अधूरेपन में से किसी एक का..
    क्यूंकि या तो "प्यार" होगा..
    या तो "अधूरापन"..
    दोनों एक साथ नहीं हो सकते..
    क्यूंकि प्यार तो अपने आप में ही पूरा होता हैं..

    अगर आप किसी के प्यार में हैं तो आपको दुनिया कि हर शह खूबसूरत दिखती हैं..
    प्यार जरूरत जिम्मेदारियो इन सबसे ऊपर हैं..

    प्यार एक नशा हैं..
    जिसमे एक प्रेमी हमेशा नशे में रहता हैं..
    उसे तो दुनिया कि हर शह अच्छी लगती हैं..
    जब अपने मेहबूब को अपने रूह में महसूस करने लगो..
    जब उसके ना होने पर भी..
    उसको अपने करीब पाओ..
    आँखे खुलने या बंद करने पर..
    जब उसका हसता.. मुस्कुराता चेहरा हर वक़्त तुम्हारे नजरों के सामने हो..
    तो समझ जाइएगा यही प्यार हैं..

    हमारी नजर में तो बस यही प्यार हैं..
    आपकी नजर में कुछ और हो तो हमे बताइयेगा जरुर.... ����

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    "प्यार"......
    ©man_ki_pati