• shailesh_pathak07 175w

    सोचिए आपका आपकी दिलरुबा से झगड़ा हो गया है और अब आप अपने पुराने दिनों को याद कर रहे है वो सभी खुशियों भरे दिन।और माफी मांगने जाते है।।।।

    Read More

    ये मत समझना

    ये मत समझना आशिक हमी है
    मुझ से श्रेष्ठ कई है
    मेरे लफ्ज़ कुछ भी नहीं है
    मेरे जख्म
    अब सही है
    उन में दर्द नहीं है
    और सब सही है
    मुझे रुकना नहीं है
    तू साथ रही है
    सब्र बस यहीं है
    जज़्बात कई है
    कोई कमी
    भी नहीं है
    यादे अनन्त पड़ी है
    जिनमे दर्द नहीं है
    उनमें तू भी खुश रही है
    ©shailesh__pathak