• amateur_skm 18w

    मृत्यु एक कहानी

    जीवन में कुछ क्षण शेष हो
    तुम सुनाती कोई कहानी,
    चिंता छोड़ो भले ही
    आँखों में अमृत हो या पानी,

    तुम कहो तो कहानी
    आँखों को बड़ा सुख आएगा,
    हम उड़ायेंगे मृत्यु का उपहास
    धीरे-धीरे जीवन का दुःख जायेगा,

    हर कहानी में तुम संग
    मेरे सुख दुःख की कमाई हो,
    संसार की हो ऐसी रीति
    हर अंत में तुम संग विदाई हो,

    आह! मृत्यु के गीत पर
    क्यों ना मैं तुम संग झूम लूं?
    कहां चले प्रिय छोड़कर
    क्यों ना मैं तुम्हारे चरण चूम लूं?

    आँखें पथराएंगी
    पाषाण हृदय अब पसीजेगा,
    जीवन,जीवन को लीलेगा
    मृत्यु का देवता मुझे नोचेगा।

    /सौरभ