• rani_shri 16w

    इश्क की फरेब बातों पर सही से ऐतबार करने दो,
    अभी इसी पल में ज़रा, मुझे तुमसे प्यार करने दो।

    चाहे तुम रज़ा या सज़ा दो मुझे, ऐ जान-ए-हया!
    मगर ये पहला गुनाह मुझे आख़िरी बार करने दो।

    बड़े मुश्किल से नसीब हुए हैं ये पल हमको सनम,
    सुनों,अब तो ज़माने की बातें दरकिनार करने दो।

    तमाम शक के बीच अपनी मुहब्बत पर मुझे तुम,
    कम से कम आज भर को तो इख़्तियार करने दो।

    छोड़ो भी कि वक्त की परवाह भला हम क्यों करें,
    तुम चलो मेरे संग और वक्त को इंतज़ार करने दो।
    ©rani_shri