• tiwaripriti 76w

    नारी सम्मान

    ममतामयी सुकोमल सी होती है नारी
    त्याग और समर्पण की छवि होती है नारी

    जग की आधारशिला होती है नारी
    फिर क्यों समझी जाती है तुच्छ नारी

    पहले शोषित समाज में ना जाने नारी
    कितने ही जुल्म सहती चली आई ये नारी

    आजादी के कितने वर्ष बीत चुके हैं फिर भी
    आज भी नारी को कहाँ खुलकर आजादी मिली

    घर से बाहर निकल तो गयी है नारी
    सम्मान और गौरव हासिल करने के लिए

    फिर भी इस निर्दयी समाज में अभी भी
    इस नारी पर अत्याचार कहाँ कम हुये हैं

    ऐसा कोई भी दिन नहीं जाता
    जहाँ नारी का

    शोषण कहीं भी ना दिखता
    हुआ नजर आता

    अगर मन में ठान ले नारी
    तो जीत उसी की ही पक्की है

    सर्वशक्तिमान होती है नारी हमेंशा
    करो हर-पल नारी का सम्मान सदा

    उसके बिन ना हो पाएगा पूरा
    सुन्दर संसार का ये सपना सलौना
    ©tiwaripriti