• chahat_samrat 19w



    मेरा कुछ भी तुझमें ठहर जाए
    तो समझ लेनी कहीं ठहरी हूं तुझमें मैं,
    वरना,
    यहां तो,
    उस दीवार पे टिकी घड़ी भी एक पल ठहरी नहीं
    ©chahat_samrat