• gannudairy_ 6w

    शुरुआत

    आज बैठे बैठे यू ही कुछ सोचने लगा मैं,
    खुद को खुद में खोजने लगा मैं!!

    मिल कर खुद से हैरान था,
    शायद किसी बात से परेशान था!!

    एक सवाल जो मुझे बहुत सता रहा था,
    क्या हूँ मैं बस यही पूछे जा रहा था!!

    उस दिन पूरी रात नहीं सोया,
    ना जाने क्यूँ उस रात खूब रोया!!

    अगली सुबह मैंने फिर खुद को तलाशा,
    अपने अंदर की खूबी को एक बार फिर से तराशा!!

    आँखों में जुनून और दिल में ज़ज्बा था,
    जानता हूँ रास्ता मुश्किल है.. पर करना पूरा हर सपना था!!

    उसके बाद से मैंने फिर कभी अपने कदमों को रुकने नहीं दिया,
    गिरा और संभला पर अपने इरादों को झुकने नहीं दिया!!

    गुरूर इन असमान के सितारों का तोड़ना था,
    अपने रास्तो को अपनी मंजिल से जोड़ना था!!

    ताने भी लोगों के मैं क्या खूब खाता हूँ,
    नहीं फिर भी आँखों में भी भर के आंसू लाता हूँ!!

    हाँ ये सच है जीतना मुझे ये सारा जमाना है,
    एक जुनून है कि कन्धों पे सितारों को सजाना है!!
    ©gannudairy_