• ashiyana 22w

    बिन गुस्ताखी, इल्जाम तुम पर ही लगेंगे,
    बस शक का एक बीज हों,
    सीता को दिल लगाने की सज़ा हर कदम पर मिली थीं,
    फिर तुम क्या चीज़ हो!


    ©Chanchal