• shailesh_pathak07 166w

    बेटी

    क्यों वो नन्ही सी जान
    एक बोझ थी
    क्यों उसकी किस्मत
    अपनों ने ही खरोच दी
    हां वो भी तो सोचती
    काश कुछ मै कर सकती
    आगे पढ़ सकती
    क्यों उस पर ही
    बरती गई सख्ती
    वो बन गई पंख बिन पंक्षी
    जो अब उड़ान की सिर्फ देख सकती है ख्वाब
    कैसे प्राप्त करेगी अपना मुकाम
    सोच जब होगा तेरे पापों का हिसाब
    क्या देगा तू जवाब
    क्यों तूने अपनी जिम्मेदारी तले दबोच दिए बेटी के ख्वाब
    ©shailesh__pathak