• upasana224 47w

    खामोशियां

    लोग कहते है
    आप कुछ बया न भी करें
    खामोशियां खुद ही
    एक जुबान होती है।
    जो कभी बिना कुछ कहे ,
    सभी पकड़ में आ जाती है।
    जो पहले इतने शोर करते थे
    गली में आने से
    वे भी मानो ख़ामोश रहकर
    छुपके से आकर निकल भी जाते है
    और उनके खामोशियों से
    सब बया भी कर जाते है!
    किया बज़ह है ,
    इस खामोशियां का।
    इस ख़ामोशी को ,
    तक़लीफ कहूं,
    या सुकुं!
    या पागलपन कहूं,
    या आपके इउ हमसे दूर
    जाने का एक पहलू कहूं!
    किया नाम दो इस
    खामोशियों को आखि़र!
    किया कोई समझ पायेगा
    मेरी खामोशियों को...!
    जब से गमो से तालुक हुआ है
    तब से दो ही साथी तो
    हमारे दिल के क़रीब रहते है.....
    एक है खामोशियां
    और
    दुजा तन्हाईयां...!!!


    ©upasana224