• u_and_me 18w

    ज़रूरी

    आज सोचने बैठा तो सोचने लगा कि
    ज़रूरी क्या है ?
    जब पिताश्री नशे में मां को चप्पल से मारते थे तब चुप चाप चादर में मुंह छिपाए सहम जाता था तो डर से बिना आवाज़ किए रो देता था तो रोना ज़रूरी हुआ
    जब टीवी पर सा रे गा मा या DID देखता तो वैसा मुकाम चाह कर भी हासिल ना कर पाने से मायूस होकर अपनी ही किस्मत को कोसकर रो देता था तो रोना ज़रूरी हुआ
    जब छत से पड़ोस के बच्चों को खेलता देखकर उनके साथ खेलना चाहकर भी घर से बाहर कदम रखने की इजाजत नहीं मिलती थी तो गुस्सा में रो देता था तो रोना ज़रूरी हुआ
    जब स्कूल में सभी बच्चे मिलकर छेड़ते मारते तंग करते तो परेशान आकर दर्द से चिल्ला कर रो देता था तो रोना ज़रूरी हुआ
    वैसे तो पिताश्री की कभी याद नहीं आई लेकिन दादी की याद आती है तो उनके साथ के पलों को याद कर रो देता हूं तो रोना ज़रूरी हुआ
    जब भी रोया अकेला रोया लेकिन एक दिन मेरे साथ भी कोई रोया
    उस दिन दिन नहीं रात थी
    सबसे खूबसूरत रात !
    उसके बाद मैं खुद के होने पर रोया
    फिर उसके खोने पर रोया
    रात को सोने पर रोया
    सुबह उठने पर रोया
    खाना खाने पर रोया
    पानी पीने पर रोया
    रोतडू
    ©u_and_me