• poetry__for__soul 40w

    रहो ना पास मेरे, कुछ लम्हें और गुजार लें।
    चलो ना पल भर को थोड़ा और सवार लें।
    राहें अलग होनी है, माना हमने।
    रुको ना रास्तों को थोड़ा और निहार लें।
    ©poetry__for__soul