• meriabhivyakti 29w

    Dil

    वो पन्नो की तरह पलटते हैं हमारी ख्वाहिशों को !

    और फिर कहीं रखकर यूं ही भूल गए!!

    अब उसी वक़्त के किसी कोने में पड़ी हुई,

    किसी किताब सा धूल खा रहा है ये दिल !!
    ©meriabhivyakti