• rahat_samrat 19w

    जय श्री कृष्ण

    श्याम रूप शशि वर्ण ज्यों, पुंज प्रकीर्णन रम्य,
    निशि वर्णति कोमल नयन, अंबु विभावरि क्षम्य।

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