• ayush_tanharaahi 177w

    प्रश्न- रामायण और रामचरितमानस मे मूल अन्तर क्या हैं।

    आप सभी लोगो का प्रश्न का जवाब देने के लिये तहे दिल से धन्यवाद। ����


    @vishalprabtani
    रामायण सम्पुर्ण हैं, जबकी रामचरितमानस सिर्फ प्रभू श्री राम के बारे मे।

    @rangkarmi_anuj
    रामायण वाल्मिकी जी व रामचरितमानस तुलसीदास जी द्वारा रचित हैं। रामायण पुरा जीवन हैं, राम के जन्म से लेकर चीर सागर तक का वर्णन,और रामचरितमानस राम की पूरी जीवनी उनके आदर्श की कहानी ।

    @naushadtm
    रामायण संस्कृत मे हैं,तो रामचरितमानस अवधी मे। रामायण वाल्मिकी जी की सम्पूर्ण रचना हैं,जबकी रामचरितमानस तुलसीदास जी ने अवधी मे दोहराई हैं।

    @naimishawasthi
    रामचरामचरितमानस तुलसीदासजी द्वारा रचित हैं, जिसमे लवकुश कांड नही हैं। रामायण वाल्मिकी द्वारा रचित हैं,जो की संस्कृत मे हैं।

    @vineetapundhir
    रामचरितमानस अवधी भाषा मे हैं, जिसमे चौपाई के माध्यम से राम चारित्र का वर्णन हैं। रामायण संस्कृत मे हैं तथा उसमे सम्पुर्ण राम कथा का वर्णन हैं।

    @yenksingh
    रामायण की रचना वाल्मिकी जी ने ,जबकि रामचरितमानस की रचना तुलसीदास जी ने की हैं।

    @rajni_pant
    वाल्मिकी जी कृत रामायण संस्कृत भाषा मे, रामजन्म के पहले लिखी गई । गोस्वामी तुलसीदास कृत रामायण 15 वी शताब्दी मे राम जन्म के कई वर्षों बाद लिखी गई ।

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    प्रश्न 1- उत्तर

    रामायण वाल्मिकी द्वारा संस्कृत भाषा मे रचित एक महाकाव्य हैं। जो की सम्पूर्ण हैं। राम के जन्म के पहले से, उनके सरयू मे विलिन होने तक उनके साथ व उनसे त्रैतायुग मे जुड़े सभी जीवों के चरित्र के वर्णन के साथ। जिसमे असुर और उनके पुर्व जन्म के कार्य तथा उन्हे जो मोक्षप्राप्ती हुई उसका उसका सम्पूर्ण वर्णन हैं ।जो की त्रैतायुग मे ही लिखा गया हैं, 8 काण्ड मे। रामायण के सभी कांडो की रचना वाल्मिकी जी ने अपने योग ज्ञान से ध्यान के माध्यम से प्राप्त कर,घटित होने से पहले ही करदी थी। अन्य कुछ विद्वानो के मतानुसार ऋषी वाल्मिकी दस्यू से ऋषी बने, और ज्ञान प्राप्ती के बाद उन्होने , रामायण की रचना की। जैसा की रामायण नाम से ही स्पष्ट हैं,
    राम+अयन (राम के जीवन वर्ष) ।

    रामचरितमानस तुलसीदास जी द्वारा अवधी भाषा मे छन्द, सोरठा,दोहा, और चौपाई के माध्यम से लिखा गया, कलयुग का महाकाव्य हैं। जिसमे राम के चरित्र का वर्णन ही उसका मूल हैं। इसकी रचना सन 1630 से 1633 के समय गोस्वामी तुलसीदास जी ने की। रामचरितमानस मे 7 सात कांड हैं, जिनमे लवकुश कांड को स्थान नही दिया गया हैं। रामचरित मानस मे वर्णित सुन्दरकांड , कलयुग मे पूजित रामचरितमानस का सबसे अहम भाग हैं। जिसमे हनुमान जी द्वारा लंका मे जाकर, सीता माता की खबर व उन्हे रामजी द्वारा दी गई भेंट प्रदान करने व, हनुमान जी द्वारा अक्षय कुमार वध का व लंका दहन का, बहुत सुन्दर वर्णन व चित्रण मिलता हैं।

    अगर देखा जायें तो यह कहाँ जा सकता हैं, की रामायण आधार हैं, तो रामचरितमानस उसका सार हैं।

    जय श्री राम
    हर हर महादेव

    आयुष पंचोली
    ©ayush_tanharaahi