• _poetic_world_ 38w

    चांद भी शर्मा गया तारो की सेज पर,
    आसमा भी थम गया सिर्फ उन्हें देकर,
    बेहती हवा में दो दिल कुछ यू धड़क रहें थे,
    मोहबत तो सिर्फ दो की थी मगर उन्हें देख सीने कई जल रहे थे।।
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