• tejasmita_tjjt 37w

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    मैंने तो सबके लिए दुआ ही मांगी थी
    फिर मेरे हिस्से बददुआ क्यों आई
    मैंने दिल से कभी किसी का बुरा नहीं चाहा
    फिर मुझमें ही बुराई क्यों सबको नजर आई
    मैंने तो सबका दिल जीतने की कोशिश की थी
    फिर मैं ही क्यों दिल में जगह नहीं बना पाई
    मैंने तो केवल अपनेपन की ही चाह की थी
    फिर ये नफरत मेरे लिए ही क्यों रास आई
    मैंने तो हर रिश्ता बखूबी निभाने की कोशिश की थी
    फिर उन्हीं रिश्तों से आज मैं क्यों हार गई
    ©tejasmita_tjjt