• deepanshita 95w



    नादान हूं हो सकता है सही गलत ना बता पाऊ
    पर अच्छे और बुरे में अंतर जान लेती हूं
    लोगों के बदलते चेहरों में, बदली मुस्कानों में
    उनके दिलों को पहचान लेती हूं
    पता है मुझे जले बिना सोना बनता नहीं हैं
    इसीलिए तेरी डाट को भी प्यार मान लेती हूं
    ©deepanshita