• santas__gift 122w

    अभी दिन का उजाला चिपा भी ना था
    ख़ामोश खड़ी दरवाजे पर आंखे बिछाए खड़ी थी

    आते देख दूर से
    पानी का प्याला दौड़ कर ले आई
    (उसके नसीब में अपने नहीं लिखे थे)

    आज फिर कोई अजनबी अपनी राह पर चल रहा था ।