• cryingpen 101w

    हूं नहीं शायद मैं इतना करीब आपके,
    फिर भी बहलाने की आपको जुर्रत करता हूं,
    मिल गये जो आप तो ये जहां बदल जायेगा,
    इसलिए हर ज़र्रे से आपको पाने की हसरत मैं करता हूं,
    चाहना , न चाहना आपकी मर्ज़ी में होगा,
    मिल गई जो मर्जीयां तो इस जहां में रंग होगा,
    न मिली जो मर्जीयां तो इक दिन यहां मातम भी होगा।।
    ©cryingpen