• _mann_j 93w

    Dil chahte ho ya jaan chahte ho
    Humse batao ke kya chahte ho....��

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    अभी कुछ ग़म खुशफ़हमी में जी रहे है,
    इक बार तूने कहा था मुझे फ़िक्र है तुम्हारी!

    © मनोजसिंह परमार