• aj_potter100 13w

    लिख रही है चाँदनी
    चाँद को एक पैग़ाम,
    "तुम मेरे हो या हो उनके
    लेते रहते जो तेरा नाम"
    चाँद अब बोले तो कैसे
    राज़ गहरे खोले तो कैसे,
    "ऐ चाँदनी, सबका मैं साथी,
    मुझको पुकारे जो जैसे रे,
    मेरे साथी है ये तारे सारे
    और ये आशिक तमाम."
    ©aj_potter100